विदेश की खबरें | तालिबान ने उसके अंदर दरार पैदा होने से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को निराधार बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पिछले सात महीनों में राजधानी काबुल से तालिबान के गढ़ एवं इसके सर्वोच्च नेता हिबतुल्ला अखुंदज़ादा के दबदबे वाले दक्षिणी शहर कंधार तक सत्ता में एक बड़ा बदलाव देखा गया है।
पिछले सात महीनों में राजधानी काबुल से तालिबान के गढ़ एवं इसके सर्वोच्च नेता हिबतुल्ला अखुंदज़ादा के दबदबे वाले दक्षिणी शहर कंधार तक सत्ता में एक बड़ा बदलाव देखा गया है।
सुरक्षा परिषद की विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी टीम द्वारा जून के शुरू में जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान शासन संरचना सभी प्रकार के विरोध के प्रति "अत्यधिक कठोर, पश्तून-केंद्रित और दमनकारी" बनी हुई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सत्ता के केंद्र के रूप में कंधार की वापसी हुई है, जैसा कि 1990 के दशक में अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के दौरान हुआ था तथा मौजूदा सरकार के केंद्रीय स्थान काबुल में तालिबान के वरिष्ठ मंत्रियों को दरकिनार किया जा रहा है।
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जैसे प्रमुख लोगों ने कंधार के दक्षिण में कार्यालय स्थापित किए हैं। काबुल के बजाय कंधार से, शैक्षणिक संस्थानों और कार्य स्थलों से महिलाओं तथा लड़कियों को बाहर करने जैसे फरमान जारी किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि समूह (तालिबान) प्रमुख नीतियों, सत्ता के केंद्रीकरण और अफगानिस्तान में वित्तीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के नियंत्रण पर आंतरिक संघर्ष से जूझ रहा है।
इसमें कहा गया है कि जारी सत्ता संघर्ष स्थिति को और अस्थिर कर रहा है, जहां प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच सशस्त्र संघर्ष का एक स्पष्ट जोखिम है।
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने रिपोर्ट में लगाए गए "आरोपों" को खारिज करते हुए कहा कि ये निराधार और पक्षपतापूर्ण हैं तथा इनमें अफगान के प्रति स्पष्ट रूप से शत्रुता प्रदर्शित होती है।
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