देश की खबरें | अदालती सुनवाई के अभ्यास को गंभीरता से लें: न्यायमूर्ति ओका ने कानून के छात्रों से कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएस ओका ने रविवार को विधि छात्रों को सलाह दी कि वे अदालती सुनवाई के अभ्यास के महत्व को कम करके न आंकें। उन्होंने इसे विधि छात्रों के कानूनी करियर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया।
नयी दिल्ली, 23 फरवरी उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएस ओका ने रविवार को विधि छात्रों को सलाह दी कि वे अदालती सुनवाई के अभ्यास के महत्व को कम करके न आंकें। उन्होंने इसे विधि छात्रों के कानूनी करियर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बताया।
एक बयान के अनुसार, न्यायमूर्ति ओका दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता केके लूथरा के सम्मान में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर द्वारा आयोजित ‘मूट कोर्ट’ प्रतियोगिता के समापन पर बोल रहे थे।
पुलिस व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों के उपयोग की वैधता के विषय पर आयोजित केके लूथरा मेमोरियल मूट कोर्ट प्रतियोगिता के 21वीं वर्षगांठ संस्करण में शास्त्र (मानद विश्वविद्यालय), तंजावुर ने जीत हासिल की, जबकि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय प्रथम उपविजेता टीम के रूप में उभरा।
प्रतियोगिता में न्यायमूर्ति ओका मुख्य अतिथि थे, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमित बंसल, न्यायमूर्ति मिनी पुष्करना और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर सम्मानित अतिथि थे।
बयान में कहा गया है कि न्यायमूर्ति ओका ने अपने भाषण में मुकदमेबाजी और न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की तथा किफायती कानूनी शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ न्यायिक प्रणाली में योगदान देने के लिए कैम्पस लॉ सेंटर की प्रशंसा की।
बयान के अनुसार, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए भारत और विदेश के 127 संस्थानों ने आवेदन किया और इसके लिए 72 टीमों का चयन किया गया।
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