देश की खबरें | टी10 भले ही ज्यादा मनोरंजक हो, पेशेवर खिलाड़ियों के लिये ठीक नहीं: चैपल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. क्रिकेट के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने कहा कि खेल के प्रशासकों के लिये टी10 को उन विकल्पों में शामिल नहीं करना अच्छा होगा जो वे पहले से ही पेश कर रहे हैं।
नयी दिल्ली, 31 जुलाई क्रिकेट के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने कहा कि खेल के प्रशासकों के लिये टी10 को उन विकल्पों में शामिल नहीं करना अच्छा होगा जो वे पहले से ही पेश कर रहे हैं।
चैपल का मानना है कि क्रिकेट के भविष्य पर सभी के साथ मिलकर होने वाली बहस लंबे समय से बाकी है और खेल के लिये कितने प्रारूप सबसे उपयुक्त हैं, इस पर जल्द से जल्द मजबूत फैसला ले लिया जाना चाहिए।
चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ पर लिखा, ‘‘इस विषय पर बहस लंबे समय पहले ही हो जानी चाहिए थी। पर अब भी ज्यादा देर नहीं हुई है लेकिन अब प्रारूपों की सूची बढ़ गयी है जो महिलाओं के खेल की मजबूती और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से भी हुआ है। ’’
उन्हेांने कहा, ‘‘पिछले कुछ दशकों में खेलने की शैली में बड़ा बदलाव हुआ है और क्रिकेट के भविष्य को लेकर कोई ‘ब्लूप्रिंट’ भी नहीं है। यह स्थिति वैसी ही है जब 1970 के दशक में वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट (डब्ल्यूएससी) के दौरान जितना विद्रोह हुआ था जो वेतन और परिस्थतियों की वजह से था, प्रशासन धीरे धीरे बढ़ रहा है। लेकिन तब 50 ओवर का खेल फला फूला था। अब सुर्खियों में टी20 है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट के बारे में कभी कभार ही खिलाड़ी जिक्र करते हैं।’’
चैपल ने बेन स्टोक्स के अचानक ही वनडे प्रारूप से संन्यास लेने के फैसले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि इसकी उम्मीद नहीं थी लेकिन फिर भी यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा, ‘‘50 ओवर का मैच अगर अच्छी तरह खेला जाता है तो यह अच्छा क्रिकेट मैच होता है जो मनोरंजन भी प्रदान करता है। ये आमतौर पर बड़ी उम्र के खिलाड़ियों की भावनायें हैं जो केवल दो ही प्रारूप जानते थे। ’’
चैपल ने कहा, ‘‘मौजूदा खिलाड़ी अकसर विशेष रूप से आईपीएल और आम तौर पर टी20 मैच खेलते हैं इसलिये जब संतुष्टि की बात आती है तो उनकी सूची में यही (टी20) शीर्ष पर होता है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये खेल के भविष्य पर गंभीरता से विचार किये जाने की जरूरत है। इस पर एक दृढ़ फैसला होना चाहिए कि क्रिकेट के लिये कितने प्रारूप सर्वश्रेष्ठ हैं। एक बार इस पर फैसला हो गया तो फिर बस इसकी पुष्टि करने की जरूरत है कि खेल का विकास सुनिश्चित करने के लिये इन प्रारूपों में कैसे आगे बढ़ना चाहिए। ’’
चैपल ने कहा, ‘‘फैसला लेने से पहले क्रिकेट के इतिहास पर भी नजर डालने की जरूरत है। सीमित ओवर प्रारूप टेस्ट क्रिकेट की कथित बोरियत के कारण आया। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘फिर 50 ओवर के ठहराव के बाद टी20 तेजी से बढ़ता रहा। इससे सवाल उठता है कि अगर खेल प्रशंसक 20 ओवर के प्रारूप से ऊब गये तो क्या होगा? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट में पहले ही काफी टी10 लीग आ चुकी हैं और इस तरह देखा जाये तो जल्द ही यह प्रारूप ज्यादा लोकप्रिय हो जायेगा। टी10 को अधिक मनोरंजन देने वाला माना जाना चाहिए लेकिन यह ऐसा प्रारूप नहीं है जो पेशेवर खिलाड़ियों को अपनाना चाहिए। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2022 04:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

