खेल की खबरें | स्विट्जरलैंड ने फ्रांस को पेनल्टी शूट आउट में 5-4 से हराया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. अपनी दूसरी बेटी के जन्म के कारण ग्रुप चरण के बीच में अवकाश लेने वाले सोमेर ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक काइलन एमबापे को पेनल्टी पर गोल नहीं करने दिया। इससे स्विट्जरलैंड 67 साल में पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा।
अपनी दूसरी बेटी के जन्म के कारण ग्रुप चरण के बीच में अवकाश लेने वाले सोमेर ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक काइलन एमबापे को पेनल्टी पर गोल नहीं करने दिया। इससे स्विट्जरलैंड 67 साल में पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा।
मैच निर्धारित समय में 3-3 से बराबर रहा था जिसके बाद पेनल्टी शूट आउट का सहारा लिया गया। स्विट्जरलैंड ने अपनी पांचों पेनल्टी पर गोल किये। फ्रांस की तरफ से एमबापे आखिरी पेनल्टी लेने के लिये आये लेकिन सोमेर ने अपने दायीं तरफ डाइव लगाकर उसे बचा दिया। पिछले विश्व कप फाइनल में गोल करके सुपरस्टार बने एमबापे ही नहीं पूरा फ्रांस गमगीन हो गया।
सोमेर ने बाद में कहा, ‘‘फुटबॉल के लिये क्या शानदार शाम थी। हमारे पास अंतिम 16 से आगे बढ़ने का मौका था क्योंकि हम पहले कभी इससे आगे नहीं पहुंच पाये थे। हमने अपनी जीजान लगा दी थी। यह शानदार है। ’’
स्विस टीम 1954 में विश्व कप की मेजबानी के बाद कभी किसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंची थी। यूरो कप में वह कभी अंतिम 16 से आगे नहीं बढ़ पायी थी। क्वार्टर फाइनल में उसका मुकाबला स्पेन से होगा।
मैच में स्विट्जरलैंड की तरफ से हैरिस सेफ्रोविच (15वे और 81वें मिनट) ने दो गोल किये जबकि मारियो गावरोनोविच ने 90वें मिनट में बराबरी का गोल दागा था। फ्रांस के लिये करीम बेंजेमा ने 57वें और 59वें मिनट में जबकि पॉल पोग्बा ने 75वें मिनट में गोल किया था।
एपी
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