नयी दिल्ली, 25 जुलाई लोकसभा से कांग्रेस के चार सदस्यों के निलंबन को उचित ठहराते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि सरकार महंगाई पर चर्चा को तैयार है, लेकिन सांसदों ने आसन की गरिमा का सम्मान नहीं किया और कानूनों का उल्लंघन करते हुए हंगामा किया।
कांग्रेस के चार लोकसभा सदस्यों- मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, जोतिमणि और राम्या हरिदास को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की चेतावनी के बावजूद निचले सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने और तख्तियां दिखाने पर अध्यक्षीय पीठ की उपेक्षा करने के मामले में सोमवार को चालू सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया है।
जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार कहती आ रही है कि वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कोविड-19 से उबरते ही महंगाई के विषय पर संसद में चर्चा को तैयार है।
उन्होंने निलंबित कांग्रेस सदस्यों के आचरण को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए कहा, ‘‘लोकसभा अध्यक्ष के आसन के सामने तख्तियां दिखाना विरोध प्रदर्शन का तरीका नहीं है। वे लोकसभा अध्यक्ष द्वारा चेतावनी दिये जाने के बावजूद ऐसा कर रहे थे।’’
जोशी ने कहा कि उन्होंने संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस के नेताओं को व्यक्तिगत रूप से बताया था कि सरकार महंगाई पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सदन में कांग्रेस सांसदों का आचरण दिखाता है कि वे आसन और सदन का सम्मान नहीं करते। उनके खिलाफ की गयी कार्रवाई उचित है।’’
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर सदन में विधायी कामकाज में व्यवधान डाला।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘विपक्ष संसद नहीं चलने देना चाहता। किसी भी चर्चा से भागना, जानबूझकर विधायी कामकाज में व्यवधान डाला... विपक्ष ने कोविड पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था जिसे स्वीकार किया गया लेकिन उन्होंने सदन में कामकाज नहीं होने दिया।’’
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