विदेश की खबरें | अमेरिका के साथ हथियार संधि को निलंबित करना रूस की ‘बड़ी भूल’ : बाइडन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी राष्ट्रपति उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्वी हिस्से के सहयोगियों को आश्वस्त करने के लिए पोलैंड पहुंचे थे। उन्होंने इन सहयोगी देशों को आश्वस्त किया कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बावजूद अमेरिका उन सभी देशों के पक्ष में खड़ा रहेगा।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिकी राष्ट्रपति उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्वी हिस्से के सहयोगियों को आश्वस्त करने के लिए पोलैंड पहुंचे थे। उन्होंने इन सहयोगी देशों को आश्वस्त किया कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बावजूद अमेरिका उन सभी देशों के पक्ष में खड़ा रहेगा।

संधि से पीछे हटने की पुतिन की घोषणा के बाद अपनी पहली टिप्पणियों में बाइडन ने रूस के इस फैसले की निंदा की। संधि को नयी शुरुआत की संज्ञा दी गयी थी।

परमाणु मुखास्त्र और मिसाइल निरीक्षण के रूसी सहयोग को निलंबित करने का निर्णय पिछले साल के अंत में मॉस्को द्वारा रद्द की गई वार्ता का अनुसरण करता है।

बाइडन की यह टिप्पणी उस वक्त आई जब वह पोलैंड और यूक्रेन की अपनी चार-दिवसीय यात्रा को समेटने के क्रम में ‘बुखारेस्ट नाइन’ के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे।

नाटो गठबंधन के सबसे पूर्वी हिस्से के नौ देशों को ‘बुखारेस्ट नाइन’ कहा जाता है। ये देश 2014 में उस वक्त एक साथ आए थे, जब पुतिन ने यूक्रेन से क्रीमिया को अलग करके उस पर कब्जा कर लिया था।

जैसे-जैसे यूक्रेन में युद्ध खिंचता जा रहा है, ‘बुखारेस्ट नाइन’ देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कई लोगों को चिंता है कि यूक्रेन में सफल होने के बाद पुतिन उन देशों के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। इन नौ देशों में चेक गणरज्य, एस्टोनिया, हंगरी, लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड, रोमानिया और स्लोवाकिया शामिल हैं।

इससे पहले बाइडन ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का एक साल पूरा होने के अवसर पर मंगलवार को वारसॉ रॉयल कैसल में अपने संबोधन में कहा, “जब रूस ने आक्रमण किया, तो यह केवल यूक्रेन के लिए परीक्षा नहीं थी। सारी दुनिया ने युगों-युगों तक किसी न किसी परीक्षा का सामना किया है। यूरोप की परीक्षा हुई। अमेरिका की परीक्षा हुई। नाटो की परीक्षा हुई। सभी लोकतांत्रिक देशों की परीक्षा हुई।”

नाटो सदस्यों की इन चिंताओं का समाधान करते हुए कि अगली बारी उनकी हो सकती है बाइडन ने मंगलवार को आपसी रक्षा संधि और यूक्रेन की रक्षा के लिए अमेरिका की दृढ़ प्रतिबद्धता का संकल्प लिया।

उन्होंने कहा, "निरंकुशता की भूख को संतुष्ट नहीं किया जा सकता है। इसका विरोध किया जाना चाहिए।"

पुतिन ने मंगलवार को अपना संबोधन दिया, जिसमें वह यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के खिलाफ जमकर बरसे। उन्होंने अमेरिका-रूस हथियार नियंत्रण संधि में मॉस्को की भागीदारी को निलंबित करेगा।

बाइडन ने मंगलवार को वारसॉ में मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू से मुलाकात की, जिन्होंने पिछले हफ्ते दावा किया है कि रूस बाहरी ताकतों का उपयोग करके उनके देश की सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश कर रहा है।

यूक्रेन और रोमानिया के बीच स्थित और यूरोप के सबसे गरीब देशों में से एक मोल्दोवा का रूस से ऐतिहासिक संबंध रहा है, लेकिन वह 27 देशों के यूरोपीय संघ में शामिल होना चाहता है। बाइडन ने अपनी टिप्पणी में ईयू में शामिल होने के लिए मोल्दोवा के प्रयास का समर्थन किया।

बाइडन ने पोलैंड के प्रयासों का विशेष उल्लेख किया है। देश लगभग 15 लाख यूक्रेनी शरणार्थियों को शरण दे रखा है और कीव को सैन्य और आर्थिक सहायता के तौर पर 3.8 अरब डॉलर देने का वचन दिया है।

बाइडन ने पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा के साथ बातचीत के दौरान कहा, "मामले की सच्चाई यह है कि अमेरिका को पोलैंड और नाटो की उतनी ही जरूरत है, जितनी नाटो को अमेरिका की जरूरत है।"

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