सुशील ने प्रवासियों की वापसी के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का केंद्र से आग्रह किया

सुशील ने बृहस्पतिवार को एक वीडियो जारी और ट्वीट कर केंद्र से प्रवासियों की वापसी के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया।

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पटना, 29 अप्रैल बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बृहस्पतिवार को केंद्र से प्रवासियों की वापसी के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया।

सुशील ने बृहस्पतिवार को एक वीडियो जारी और ट्वीट कर केंद्र से प्रवासियों की वापसी के लिए विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया।

वीडियो संदेश में सुशील ने अपील करते हुए कहा कि बिहार के लगातार आग्रह पर केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फँसे छात्रों, मजदूरों और पर्यटकों को एक दिशानिर्देश का पालन करते हुए घर लौटने की अनुमति दी, जिससे प्रवासियों और परिजनों में खुशी है।

उन्होंने कहा कि बिहार के लोग राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में फँसे हैं। इसलिए दूरदराज के अनेक स्थानों से बड़ी संख्या में उन सबकी सुरक्षित वापसी के लिए अब "घर वापसी स्पेशल" ट्रेन चलायी जानी चाहिए।

सुशील ने कहा कि बडी संख्या में लोग चेन्नई, बेंगलुरू और मुंबई आदि स्थानों पर रुके हुए हैं । उन्हें बसों से लाना संभव नहीं है और प्रत्येक बस को आने—जाने में छह—सात दिन लग जाएंगे ।

उन्होंने अन्य प्रदेशों में रुके श्रमिकों और छात्रों के लिए सामाजिक दूरी का पालन किए जाने के साथ भोजन की व्यवस्था वाली विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने की अपील करते हुए कहा कि बिना विशेष ट्रेनों की व्यवस्था किए बसों से लाना संभव नहीं हो पाएगा।

सुशील ने कहा कि 27 लाख से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री सहायता के लिए आवेदन दिया है । केवल दिल्ली से मुख्यमंत्री सहायता के लिए आवेदन देने वाले पांच लाख से अधिक हैं। महाराष्ट्र से 2.68 लाख, कर्नाटक से करीब एक लाख और गुजरात से करीब दो लाख लोगों ने आवेदन दिया है ।

सुशील ने कहा कि लोगों की वापसी के लिए पूरी तैयारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने 19 नोडल अफसरों की नियुक्ति और हर प्रखंड में स्मार्ट पृथक-वास केंद्र बनाने सहित व्यापक प्रबंध किये हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य से बाहर फँसे जिन लोगों ने सहायता मांगी, उनमें से 17 लाख मजदूरों के खाते में 1-1 हजार रुपये डाले जा चुके हैं।

सुशील ने विपक्षी पार्टी राजद पर प्रहार करते हुए कहा कि उसने अपने 15 साल के शासनकाल में बिहार की शिक्षा, खेती और उद्योग-व्यवसाय को चौपट कर लाखों छात्रों-मजदूरों को महापलायन के लिए मजबूर किया और अब वह आज केवल बयानबाजी कर प्रवासी लोगों की हमदर्द बन रही है।

इससे पूर्व सुशील ने कथित तौर पर कहा था कि बिहार में पर्याप्त संख्या में बसें नहीं हैं। उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है ।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर कटाक्ष करते हुए कबीर के दोहे को उद्धरित करते हुए कहा ''कबीर के इस दोहे में हमारे मजदूर भाइयों की भावना और बिहार सरकार के लिए संदेश छिपा है । “माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रोंदे मोय, एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौदूंगी तोय।’’

लालू ने आरोप लगाया ''बिहार के बेटे-बेटियों के साथ जो रवैया ये ''ज़ालिम'' सरकार अपना रही है वही रवैया ये करोड़ों दुखियारे इस सरकार के खिलाफ अपनाएंगे''।

रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सुशील के बयान पर निशाना साधते हुए कहा ''प्रवासी विद्यार्थियों और मजदूरों को वापस लाने में आपके हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं... 15 वर्षो में संसाधन, रोजगार सृजन व शिक्षा के नाम पर ढोंग क्यों किया? माफी मांगकर इस्तीफा दीजिए, जनता अपना इंतजाम कर लेगी।’’

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