देश की खबरें | महाराष्ट्र विस में शक्ति परीक्षण पर उच्चतम न्यायालय करेगा फैसला, बागी विधायक गोवा के लिए रवाना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बागी विधायक बुधवार शाम को गुवाहाटी से गोवा के लिए रवाना हुए, जबकि उच्चतम न्यायालय यह निर्णय करेगा कि बृहस्पतिवार को उद्धव ठाकरे सरकार के विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश के तहत शक्ति परीक्षण को आगे बढ़ाया जाना चाहिए या नहीं।

मुंबई, 29 जून महाराष्ट्र के वरिष्ठ मंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बागी विधायक बुधवार शाम को गुवाहाटी से गोवा के लिए रवाना हुए, जबकि उच्चतम न्यायालय यह निर्णय करेगा कि बृहस्पतिवार को उद्धव ठाकरे सरकार के विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश के तहत शक्ति परीक्षण को आगे बढ़ाया जाना चाहिए या नहीं।

शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे के अधिवक्ताओं ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा सरकार अपना बहुमत खो चुकी है क्योंकि शिवसेना के अधिकतर विधायक उनके साथ हैं। वहीं मुख्यमंत्री ठाकरे ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि उन्हें उनके ही लोगों ने धोखा दिया है।

इससे पहले दिन में, महाराष्ट्र में राजनीतिक खींचतान, जो एक सप्ताह से अधिक समय पहले ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ शिंदे के विद्रोह के साथ शुरू हुई थी, एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर गई जब महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य सरकार को बृहस्पतिवार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण का आदेश दिया।

राज्यपाल का यह फैसला तब आया है जब मंगलवार रात भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की थी और यह दावा करते हुए शक्ति परीक्षण कराने की मांग की कि शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में आ गई है।

ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु ने राज्यपाल कोश्यारी के निर्देश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया।

शिंदे के वकीलों ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि उद्धव ठाकरे नीत खेमा पार्टी के अंदर ही अल्पमत में है और विधानसभा में शक्ति परीक्षण विधायकों की खरीद-फरोख्त रोकने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है।

शिंदे के वकील ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला की अवकाशकालीन पीठ से कहा कि शक्ति परीक्षण में किसी तरह का विलंब होने से लोकतांत्रिक राजनीति को और नुकसान होगा।

शिंदे की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन.के. कौल ने दलील दी कि स्पीकर के समक्ष (बागी विधायकों की) अयोग्यता कार्यवाही का लंबित रहना शक्ति परीक्षण में विलंब करने का कोई आधार नहीं है। कौल ने पीठ से कहा, ‘‘लोकतंत्र की प्रक्रिया सदन के पटल पर होती है और यही चीज किये जाने की मांग की जा रही है। ’’

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के दौरान पीठ ने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि सदन का पटल ही लोकतंत्र के इन मुद्दों का हल करने के लिए एकमात्र रास्ता है।’’

पीठ ने प्रभु की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी से यह भी पूछा कि शक्ति परीक्षण अयोग्यता प्रक्रिया को कैसे प्रभावित कर सकता है या अयोग्यता कार्यवाही करने के लिए अध्यक्ष की शक्तियों में कैसे हस्तक्षेप कर सकता है। पीठ ने कहा, ‘‘हमारी समझ यह है कि लोकतंत्र के इन मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र तरीका सदन का पटल है।’’

सिंघवी ने शीर्ष अदालत से कहा कि जिन लोगों ने पाला बदल लिया है, वे लोगों की इच्छा को नहीं दर्शाते हैं और अगर कल शक्ति परीक्षण नहीं हुआ तो आसमान नहीं फट जाएगा। उन्होंने दलील दी कि अदालत को तब तक शक्ति परीक्षण की अनुमति नहीं देनी चाहिए जब तक कि उपाध्यक्ष कुछ बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर फैसला नहीं कर लेते।

वहीं असम में आठ दिन बिताने के बाद, शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बागी विधायक बुधवार शाम गुवाहाटी से गोवा के लिए रवाना हो गए।

आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई- को बताया कि निजी विमानन कंपनी स्पाइसजेट के एक चार्टर विमान ने गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय (एलजीबीआई) हवाईअड्डे से शाम छह बजकर 56 मिनट पर गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे के लिए उड़ान भरी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now