जरुरी जानकारी | एचडीएफ़सी बैंक द्वारा ग्राहक को 30 लाख रुपये देने के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय की रोक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एचडीएफ़सी बैंक के एक ग्राहक ने दरअसल धोखाधड़ी से उसके खाते से राशि निकालने का दावा करते हुए एनसीडीआरसी में मामला दर्ज कराया था। आयोग ने इस मामले में एचडीएफ़सी बैंक को 30 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।
एचडीएफ़सी बैंक के एक ग्राहक ने दरअसल धोखाधड़ी से उसके खाते से राशि निकालने का दावा करते हुए एनसीडीआरसी में मामला दर्ज कराया था। आयोग ने इस मामले में एचडीएफ़सी बैंक को 30 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।
इस मामले में न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि एनसीडीआरसी और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पंजाब के आदेशों पर रोक रहेगी।
पीठ ने साथ ही धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति से इस मामले में जवाब भी मांगा है।
एचडीएफसी बैंक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि उस व्यक्ति ने बैंक में अपना खाता खोला था और उसे नेट बैंकिंग की सुविधा के साथ एक किट प्रदान की गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘बैंक में खाता खोलने के बाद व्यक्ति ने नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने खाते में लॉग इन करते हुए अपना पिन (व्यक्तिगत पहचान संख्या) बदल लिया था। इसके बाद उसने अपने एक लाभार्थी को जोड़ा और मैसर्स लक्ष्मी नारायण कंपनी में लगातार तीन दिनों में 10-10 लाख रुपये का हसतांतरण किया।’’
अरोड़ा ने कहा कि इस तीन लेन-देन को लेकर खाता धारक व्यक्ति को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया, लेकिन फिर भी उसने अपने खाते से धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एक उपभोक्ता मामले में शिकायत दर्ज की।
इसके बाद पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि वह एनसीडीआरसी और राज्य उपभोक्ता मंच दोनों के आदेशों पर रोक लगा रही है। साथ ही उस व्यक्ति से जवाब मांग रही है और मामले को गैर-प्रकीर्ण दिवस पर अंतिम निपटान के लिए सूचीबद्ध कर रही है।
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