देश की खबरें | महाराष्ट्र में लाइसेंस नहीं मिलने के मामले में रैपिडो को राहत देने से उच्चतम न्यायालय का इनकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा लाइसेंस नहीं देने के खिलाफ बाइक-टैक्सी सेवा प्रदाता रैपिडो को राहत देने से इनकार कर दिया।
नयी दिल्ली, सात फरवरी उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा लाइसेंस नहीं देने के खिलाफ बाइक-टैक्सी सेवा प्रदाता रैपिडो को राहत देने से इनकार कर दिया।
शीर्ष अदालत ने कहा कि वर्ष 2019 में मोटर वाहन अधिनियम में किये गये संशोधन में यह साफ कर दिया गया है कि सेवा प्रदाता बिना वैध लाइसेंस के संचालन नहीं कर सकते।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने पिछले साल 21 दिसंबर को लाइसेंस के लिए उसकी याचिका को खारिज कर दिया था।
पीठ ने कहा कि रोपेन ट्रांसपोर्ट सेवा प्राइवेट लिमिटेड (रैपिडो) बंबई उच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से 19 जनवरी को जारी अधिसूचना को चुनौती दे सकती है जिसमें गैर परिवहन वाहनों को ‘कार पूलिंग’ से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
रैपिडो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के पास दोपहिया वाहनों के लिए कोई योजना नहीं है, इसलिए लाइसेंस के लिए आवेदन को गलत तरीके से खारिज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जरूरी कुछ शर्तों को पूरा कर पाना वास्तव में एक कंपनी के लिए असंभव है।
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