एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को खारिज किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने 2005 के हत्या के एक मामले में दो लोगों की दोषसिद्धि को बुधवार को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें दोषी ठहराने में कर्नाटक उच्च न्यायालय का ‘‘कठोर रुख’’ स्वीकार नहीं किया जा सकता।

देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को खारिज किया

नयी दिल्ली, 18 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने 2005 के हत्या के एक मामले में दो लोगों की दोषसिद्धि को बुधवार को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें दोषी ठहराने में कर्नाटक उच्च न्यायालय का ‘‘कठोर रुख’’ स्वीकार नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि इससे पहले एक निचली अदालत ने इस मामले में आरोपियों को बरी करते हुए ‘‘सुविचारित फैसला’’ सुनाया था।

पीठ ने कहा, ‘‘हम यह कहना चाहते हैं कि जब निचली अदालत को आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए कोई सबूत नहीं मिला, तो उच्च न्यायालय पर यह दायित्व था कि वह उक्त फैसले को पलटते हुए प्रत्येक आरोप के संबंध में स्पष्ट निष्कर्ष दर्ज करे, विशेष रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत आपराधिक साजिश के आरोप के में।’’

पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया। पीठ ने उच्चतम न्यायालय द्वारा पूर्व में दिए गए फैसले का हवाला दिया। पीठ ने कहा कि यह उल्लेख किया गया था कि बरी किए जाने के खिलाफ अपील पर उच्च न्यायालय के लिए यह आवश्यक होगा कि वह आरोपियों के दोष के विपरीत निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए निचली अदालत के कारणों को खारिज करने को लेकर रिकॉर्ड से ठोस आधारों को स्पष्ट रूप से इंगित करे।

न्यायालय ने दोनों दोषियों द्वारा दायर अपील को मंजूर करते हुए कहा, ‘‘इस परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो अपील पर विचार करने में उच्च न्यायालय का कठोर रुख, जिसके परिणामस्वरूप अपीलकर्ता संख्या 1 और 2 को दोषी ठहराया गया तथा उन्हें संदेह का लाभ देते हुए निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के ठोस और सुविचारित निर्णय को पलट दिया गया, कायम नहीं रखा जा सकता।’’

पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर अपना फैसला सुनाया, जिसमें बरी करने के फैसले को पलट दिया गया था और उन्हें हत्या और आपराधिक साजिश सहित अन्य अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था।

दो आरोपियों सहित तीन अन्य को मई 2006 में एक निचली अदालत ने बरी कर दिया था, जिसके बाद राज्य ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पांच आरोपियों ने एक व्यक्ति की हत्या की साजिश रची थी और उन्होंने फरवरी 2005 में बेंगलुरु ग्रामीण जिले में एक बस स्टैंड के पास व्यक्ति पर हमला किया था। पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।

शीर्ष अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने मामले में कुछ गवाहों के बयानों में विसंगतियों और विरोधाभासों का उल्लेख करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोपियों के अपराध को साबित करने में विफल रहा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2024 09:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).