देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने एनडीपीएस मामले में आरोपी को दी अंतरिम जमानत

नयी दिल्ली, नौ जुलाई उच्चतम न्यायालय ने मादक पदार्थ विरोधी कानून के तहत एक मामले में आरोपी व्यक्ति को यह कहते हुए अंतरिम जमानत दे दी कि उसे रीढ़ की हड्डा की बीमारी है। न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार के वकील की इस दलील पर गौर किया कि याचिकाकर्ता को उपचार उपलब्ध कराया गया है।

पीठ ने कहा, ‘‘ जिस प्रकार की बीमारी है, उसकी प्रकृति देखते हुए हम यह उपयुक्त समझते हैं कि याचिकाकर्ता को अपनी जरूरत के हिसाब से उचित इलाज की सुविधा मिले।’’

पीठ ने कहा, ‘‘ इसलिए, हम इसे छह सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने के लिए उपयुक्त समझते हैं, लेकिन उसपर निचली अदालत द्वारा लगायी गयी उपयुक्त शर्तें लगी रहेंगी और उसे निचली अदालत में पेश किया जाएगा।’’

शीर्ष अदालत ने कहा छह सप्ताह के दौरान याचिकाकर्ता अपना इलाज करा सकता है।

पीठ ने कहा, ‘‘ चुंकि याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि नियमित जमानत आवेदन उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है ऐसे में इस बीच, वह उच्च न्यायालय से इसपर गौर करने का अनुरोध कर सकता है।’’

आरोपी के वकील नमित सक्सेना ने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास कोई मादक पदार्थ नहीं था और ना ही वह इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए जिम्मेदार था।

उच्चतम न्यायालय संजय की अपील पर सुनवाई कर रहा था। संजय ने राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

जमानत आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उच्च न्यायालय ने मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों और याचिकाकर्ता के बीमार होने की बात पर भी गौर नहीं किया और अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी।

याचिकाकर्ता स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) कानून के प्रावधानों के तहत अपराधों को लेकर 2018 से जेल में है।

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