जरुरी जानकारी | किफायती घरों की आपूर्ति घटी है, मांग बरकरार : विपुल रूंगटा
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नयी दिल्ली, 11 फरवरी एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विपुल रूंगटा ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख शहरों में सस्ते या किफायती घरों की आपूर्ति कम हुई है, लेकिन मांग बरकरार है।
उन्होंने रियल एस्टेट डेवलपर्स से 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की लागत वाले घर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
यहां फिक्की रियल एस्टेट सम्मेलन को संबोधित करते हुए रूंगटा ने यह भी कहा कि आवास की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पिछले कुछ वर्षों में जो उत्साह देखा गया था, वह अब नही है।
शहरी विकास एवं रियल एस्टेट पर फिक्की समिति के सह-चेयरमैन रूंगटा ने कहा, "मैं लगातार यह पढ़ता हूं कि किफायती आवास की मांग घट रही है और महंगे आवास की मांग बढ़ रही है।"
उन्होंने कहा कि महंगे घरों की मांग बढ़ने का कारण वास्तव में यह नहीं है कि लोग ज्यादा महंगे घर खरीद रहे हैं, बल्कि यह है कि किफायती आवास की संख्या या आपूर्ति कम हो गई है।
उन्होंने कहा कि 35-75 लाख रुपये मूल्य वर्ग में आवासीय इकाइयों की आपूर्ति में भारी कमी आई है, जिसके कारण बिक्री में गिरावट आई है, जिसे गलत तरीके से यह समझा जा रहा है कि किफायती घरों की मांग कम हो रही है।
रूंगटा ने बताया, ‘‘हमने गुरुग्राम में अपने एक उद्योग डेवलपर के साथ मिलकर एक परियोजना शुरू की थी और इकाई की कीमत 40 लाख रुपये थी। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि 40 लाख रुपये के निजी तौर पर बनाए गए अपार्टमेंट के लिए हमें कितने आवेदन मिले? लगभग 1,000 अपार्टमेंट थे। हमें 150 गुना आवेदन मिले, और ये भुगतान किए गए आवेदन थे और ये ब्रोकर के आवेदन नहीं थे।"
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