चंडीगढ़, 14 दिसंबर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 2015 में अकाली शासन के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं में शामिल दोषियों को नहीं पकड़ पाने के लिए बृहस्पतिवार को माफी मांगी।
बादल की माफी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि माफी केवल गलतियों के लिए दी जाती है न कि ‘अपराधों’ के लिए।
शिरोमणि अकाली दल के 130 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुये सुखबीर ने यह माफी मांगी। इसके साथ ही, उन्होंने असंतुष्ट अकाली नेताओं से अपने मतभेद भुलाकर एक साथ आने की भी अपील की।
शिअद प्रमुख अमृतसर में अकाल तख्त स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे।
बेअदबी की घटनाएं सन 2015 में प्रदेश के फरीदकोट जिले के बारगड़ी में हुयी थी। घटनाओं के कारण फरीदकोट में विरोध प्रदर्शन हुआ था। अक्टूबर 2015 में बेअदबी विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोलीबारी की।
पुलिस गोलीबारी की इस घटना में जिल के बहबल कलां में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि फरीदकोट के कोटकपुरा में कुछ लोग घायल हो गए थे।
सुखबीर ने कहा कि उनके दिवंगत पिता को इस बात की आजीवन टीस रही कि बेअदबी की ये घटनायें तब हुयी, जब वह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
उन्होंने कहा कि उनके पिता को इस बात का भी दर्द रहा था कि उन्हें बेअदबी के दोषियो को पकड़ने का मौका दोबारा नहीं मिला।
सुखबीर ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के लिये कुछ ताकतों ने अपास में हाथ मिला लिया और मामले की जांच सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से कराने के लिये दबाब बनाना शुरू कर दिया ताकि तत्कालीन अकाली सरकार को दोषियों को पकड़ने का मौका नहीं मिले ।
उन्होंने कहा, ‘‘शिअद प्रमुख होने के नाते, सरकार में रहते हुये या किसी अन्य तरह से अगर हमने लोगों को दुख पहुंचाया हो तो मैं अकाल तख्त की ओर से माफी मांगना चाहता हूं।
पंजाब के उप मुख्यमंत्री रह चुके सुखबीर ने कहा, ‘‘हमें खेद है कि हम दोषियों को नहीं पकड़ सके। लेकिन हम वादा करते हैं कि हम असली दोषियों को सलाखों के पीछे डालेंगे और उन लोगों को बेनकाब करेंगे जिन्होंने इस पर राजनीति की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रकाश सिंह बादल, मेरी पार्टी के नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से प्रार्थना करता हूं कि जानबूझकर या अनजाने में हुई किसी भी गलती के लिए हम सिर झुकाकर माफी मांगते हैं।’’
शिअद प्रमुख ने असंतुष्ट अकाली नेताओं से अपने मतभेदों को भुला कर एक झंडे के नीचे आने का आग्रह किया और कहा कि अगर उनमें से किसी को भी उनसे ठेस पहुंची है तो वह इसके लिये माफी मांगते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जिनकी सोच पंथक है, जिनके दिल और खून में शिरोमणि अकाली दल है, शिरोमणि अकाली दल केवल एक है और जो इसका बंटवारा करना चाहते हैं मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि एकता में ही ताकत है।
सुखबीर ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘अगर किसी को मेरी बात या हमारे नेतृत्व की बात से ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं। मैं सभी लोगों से एक झंडे के नीचे आने की अपील करता हूं क्योंकि हमारे समुदाय के खिलाफ अन्याय हो रहा है।’’
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