देश की खबरें | केके के कार्यक्रम के वित्तपोषण पर सौगत रॉय ने सवाल उठाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पार्श्व गायक केके की ‘नजरूल मंच’ में कार्यक्रम के बाद दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु के कई सप्ताह बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने रविवार को ‘‘कॉलेज कार्यक्रमों में मुंबई से बड़े संगीतकारों को बुलाने के वास्ते बड़ी धनराशि खर्च करने की प्रवृत्ति’’ पर आपत्ति जतायी।
कोलकाता, 19 जून पार्श्व गायक केके की ‘नजरूल मंच’ में कार्यक्रम के बाद दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु के कई सप्ताह बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने रविवार को ‘‘कॉलेज कार्यक्रमों में मुंबई से बड़े संगीतकारों को बुलाने के वास्ते बड़ी धनराशि खर्च करने की प्रवृत्ति’’ पर आपत्ति जतायी।
दमदम से सांसद रॉय ने उत्तरी कोलकाता के बारानगर इलाके में एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें छात्र संघों द्वारा महंगे कलाकारों को कार्यक्रमों में बुलाने के प्रयासों में कोई विशेषता नहीं दिखती। उन्होंने इस तरह के आयोजनों के लिए धन के स्रोत को लेकर भी आपत्ति जतायी।
रॉय ने कहा, ‘‘यदि आपको इस तरह के बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करने हैं, तो आपको एक रियल एस्टेट डेवलपर आदि की मदद लेनी होगी। क्या यह उचित है? मुझे मुंबई से लोकप्रिय कलाकारों को कार्यक्रमों में बुलाने की इस प्रवृत्ति के पीछे का तर्क समझ में नहीं आता।’’
केके के नाम से प्रसिद्ध जानेमाने पार्श्व गायक कृष्णकुमार कुन्नथ का 31 मई को शहर के एक होटल में निधन हो गया। उन्होंने उससे कुछ ही समय पहले टीएमसी के छात्र संघ द्वारा गुरुदास कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति दी थी। उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आयी कि उन्हें ‘‘लंबे समय से हृदय संबंधी दिक्कतें थीं।’’
हालांकि, विपक्षी दलों ने दावा किया था कि संभव है कि गुरुदास कॉलेज के संगीत कार्यक्रम में भीड़ के ठीक तरह से प्रबंधन नहीं होने के चलते उनकी हृदय संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हों।
टीएमसी सांसद ने उत्तरी कोलकाता में समारोह के दौरान इस तरह के कार्यक्रमों पर लाखों रुपये खर्च करने के विचार की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि केके के शो के लिए करीब 30 लाख रुपये या 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे। वह सारा पैसा कहां से आया? हवा से तो नहीं आया होगा।’’
तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) की गुरुदास कॉलेज इकाई ने कहा था कि संस्थान ने संगीत कार्यक्रम को छात्र संघ ने नहीं बल्कि संस्थान ने वित्त पोषित किया था।
रॉय के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीएमसी कामरहटी विधायक मदन मित्रा ने कहा, ‘‘सौगतदा एक वरिष्ठ नेता होने के नाते आत्ममंथन करते हैं और इन दिनों इस तरह की टिप्पणी करते हैं। मुझे और कुछ नहीं कहना है।’’
इस बीच, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि टीएमसी के छात्र संगठन द्वारा जबरन वसूली की गतिविधियां एक "खुला रहस्य" हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टीएमसीपी कॉलेज कार्यक्रमों में धनबल का प्रदर्शन करता है। हर कोई जानता है कि वह अवैध तरीकों से भारी नकदी जमा करता है। यह अच्छा है कि सौगत रॉय जैसे वरिष्ठ टीएमसी सांसद की इस मुद्दे पर आंखें खुल गई हैं लेकिन हम उनसे पूछ सकते हैं कि वह इतने वर्षों तक चुप क्यों रहे।’’
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