जरुरी जानकारी | चंदा कोचर के खिलाफ सुनवाई के लिये पर्याप्त साक्ष्य: अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विशेष अदालत ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जो सामग्री उपलब्ध करायी है, वह आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक चंदा कोचर और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में सुनवाई शुरू करने के लिये पर्याप्त है।

मुंबई, तीन फरवरी विशेष अदालत ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जो सामग्री उपलब्ध करायी है, वह आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक चंदा कोचर और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में सुनवाई शुरू करने के लिये पर्याप्त है।

मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के लिये विशेष अदालत ने ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए 30 जनवरी को कोचर, उनके पति दीपक कोचर, वीडियोकॉन समूह के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत और अन्य आरोपी को तलब किया था।

बुधवार को उपलब्ध कराये गये आदेश के अनुसार न्यायाधीश एए नंदगांवकर ने कहा, ‘‘पीएमएलए के तहत उपलब्ध करायी गयी सामग्री, लिखित शिकायतों और दर्ज बयानों को देखते हुए ऐसा जान पड़ता है कि चंदा कोचर ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए आरोपी धूत और/वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को कर्ज दिये।’’

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘और ऐसा जान पड़ता है कि उन्होंने अपने पति के जरिये रिश्वत/अनुचित लाभ उठाया....।’’

अदालत ने कहा कि ईडी ने जो सामग्री उपलब्ध करायी है, वह आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मामला चलाने के लिये पर्याप्त है।’’

सभी आरोपियों से 12 फरवरी को अदालत के समक्ष पेश होने को कहा गया है।

ईडी ने सीबीआई की चंदा कोचर, उनके पति और धूत तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिकी के आधार पर मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर दीपक कोचर को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था।

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