कानपुर, दो नवंबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में ऐसी स्थिति बनेगी कि आतंकवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।
कानपुर दौरे पर शनिवार को आये राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ''जम्मू-कश्मीर में पहले होने वाले आतंकी हमलों की तुलना में अब हमलों की संख्या काफी कम है और उस क्षेत्र में सुरक्षा बल सतर्क हैं। जम्मू-कश्मीर में ऐसी स्थिति बनेगी कि आतंकवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।''
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तेजी से विकास हो रहा है। रक्षा मंत्री ने भारत-चीन संबंधों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बना रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच एक साल से अधिक समय से बातचीत चल रही है, सेना के स्तर पर सभी मुद्दों का समाधान हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन की सीमाओं पर गश्त उसी तरह चल रही है जैसी होनी चाहिए।
सिंह ने कानपुर में फील्ड गन फैक्ट्री का भी दौरा किया और महत्वपूर्ण स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का जायजा लेने के लिए हीट ट्रीटमेंट प्लांट, नयी गन असेंबली और गन असेंबली का निरीक्षण किया। उन्होंने फैक्ट्री में 30 मिनट से अधिक समय बिताया, जहां उन्होंने फैक्ट्री का जायजा लेने के लिए 500 मीटर से अधिक की दूरी तय की।
रक्षा मंत्री भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर के 65वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सिंह ने यहां अपने संबोधन में आत्मनिर्भर और नवोन्मेषी भारत के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया।
उन्होंने कहा, "आज के प्रौद्योगिकी-संचालित परिवर्तन के युग में, भारत अभूतपूर्व नवाचार के कगार पर है और आईआईटी- कानपुर जैसे संस्थान हमें आगे बढ़ा रहे हैं।"
सिंह ने कहा, ''जैसा कि हम 2047 तक 'विकसित भारत' की कल्पना करते हैं, मैं अपने युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर खासकर रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की यात्रा का नेतृत्व करें।''
उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत उच्च-स्तरीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में अपना स्थान सुरक्षित रखे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करने के लिए हमें आयात पर निर्भरता कम करनी चाहिए और अत्याधुनिक घरेलू नवाचारों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सिंह ने कहा, "मुझे विश्वास है कि प्रगति जारी रहेगी और 2029-30 तक रक्षा निर्यात 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। भारत ने अपने युवाओं की ताकत पर 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देखा है और हमें उस सपने को साकार करने में अपनी पूरी ताकत लगानी चाहिए।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY