बालेश्वर (ओडिशा), 22 जुलाई भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित समेकित परीक्षण केन्द्र से स्वदेश में विकसित अपने एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ध्रुवास्त्र के तीन सफल परीक्षण किए। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को इस आशय की जानकारी दी।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ध्रुवास्त्र को हेलीकॉप्टर से लांच किया जा सकता है कि वह दुनिया के सबसे आधुनिक एंटी-टैंक हथियारों में से एक है।
उन्होंने बताया कि डीआरडीओ द्वारा विकास के दौरान किए जाने वाले परीक्षणों के तहत इस अत्याधुनिक मिसाइल को 15 जुलाई को दो बार और 16 जुलाई को एक बार लांच किया गया।
उन्होंने बताया कि सीधा निशाना लगाते हुए तीनों परीक्षण किए गए और वे सफल रहे।
सूत्रों ने बताया कि जमीन से लांचर से दाग कर इस मिसाइल के कई महत्वपूर्ण पैरामीटर की जांच की गई।
ध्रुवास्त्र हमारे पुराने मिसाइल ‘नाग हेलीना’ का हेलीकॉप्टर संस्करण है। इसमें कई नए फीचर हैं और आसमान से सीधे दाग कर इससे दुश्मन के बंकर, बख्तरबंद गाड़ियों और टैंकों को नष्ट किया जा सकता है।
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