देश की खबरें | अध्ययन में कोशिकाओं के ‘स्वत: विनाश’ तंत्र का ब्योरा मिला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अनुसंधानकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया है कि कैसे संक्रमित या क्षतिग्रस्त कोशिकाएं एक ‘स्वत:-विनाश’ की अंतर्निहित प्रक्रिया शुरू कर खुद को खत्म कर लेती हैं और ‘निन्जुरिन -1’ नामक एक विशिष्ट प्रोटीन कोशिका झिल्ली के फटने संबंधी ‘विघटन बिंदु’ के रूप में कार्य करता है।

नयी दिल्ली, 23 मई अनुसंधानकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया है कि कैसे संक्रमित या क्षतिग्रस्त कोशिकाएं एक ‘स्वत:-विनाश’ की अंतर्निहित प्रक्रिया शुरू कर खुद को खत्म कर लेती हैं और ‘निन्जुरिन -1’ नामक एक विशिष्ट प्रोटीन कोशिका झिल्ली के फटने संबंधी ‘विघटन बिंदु’ के रूप में कार्य करता है।

उन्होंने पाया कि ‘निन्जुरिन-1’ तंतुओं में इकट्ठा होता है, जो ज़िपर की तरह काम करता है और कोशिका झिल्ली को खोलता है, जिसका परिणाम कोशिका विघटन के रूप में सामने आता है।

अध्ययन रिपोर्ट पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित हुई है।

बेसल विश्वविद्यालय, लॉज़ेन विश्वविद्यालय और स्विट्जरलैंड के ईटीएच ज्यूरिख के अनुसंधानकर्ताओं ने कोशिकाओं के मृत होने की घटना के अंतिम चरण में नयी अंतर्दृष्टि प्रदान की है, जो ट्यूमर के विकास और शरीर में रोगजनकों के प्रसार को रोकती है और सभी जीवों के लिए महत्वपूर्ण है।

उनका कहना है कि हर दिन शरीर में लाखों कोशिकाएं मर जाती हैं और आमतौर पर जो माना जाता है, उसके उलट, कोशिकाएं अपने जीवन के अंत में फटती नहीं हैं।

कुछ ट्यूमर कोशिकाओं को क्रमादेशित कोशिका मृत्यु से बचने के लिए जाना जाता है और कोशिका मृत्यु की यह गहरी समझ कैंसर के इलाज के लिए चिकित्सीय हस्तक्षेप की सुविधा प्रदान कर सकती है।

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