देश की खबरें | पराली जलाना: सरकार ‘टॉरफेक्शन’ और पेलेटाइजेशन’ संयंत्र स्थापित करने के लिए देगी वित्तीय सहायता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि ताप विद्युत संयंत्रों और उद्योगों में धान के भूसे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘टॉरफेक्शन’ (फसल अवशेष को ‘जैव-कोयला’ में परिवर्तित करना) और ‘पेलेटाइजेशन’ संयंत्र स्थापित करने के लिए लोगों और कंपनियों को एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि ताप विद्युत संयंत्रों और उद्योगों में धान के भूसे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘टॉरफेक्शन’ (फसल अवशेष को ‘जैव-कोयला’ में परिवर्तित करना) और ‘पेलेटाइजेशन’ संयंत्र स्थापित करने के लिए लोगों और कंपनियों को एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इन संयंत्रों की स्थापना से पराली जलाने की समस्या का समाधान करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह टिप्पणी ‘पेलेटाइजेशन’ और ‘टॉरफेक्शन’ संयंत्रों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशानिर्देश जारी करते हुए की।

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना और प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियां राष्ट्रीय राजधानी में अक्टूबर और नवंबर में वायु प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि का एक प्रमुख कारण है।

किसान धान की फसल के अवशेषों को जल्दी से हटाने के लिए अपने खेतों में आग देते हैं ताकि गेहूं और आलू की फसल बोई जा सके।

सरकार ने कहा कि बिजली संयंत्रों में बायोमास की मांग है, लेकिन आपूर्ति कम है।

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