देश की खबरें | छात्रा की दुराचार के बाद हत्या : योगी ने दिये रासुका लगाने के निर्देश, एनएचआरसी ने भेजा नोटिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में 17 वर्षीय छात्रा की दुराचार के बाद हत्या की घटना में बृहस्पतिवार को अपराधियों के खिलाफ रासुका लगाने सहित कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ/नयी दिल्ली 27 अगस्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में 17 वर्षीय छात्रा की दुराचार के बाद हत्या की घटना में बृहस्पतिवार को अपराधियों के खिलाफ रासुका लगाने सहित कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया ।

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प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।

योगी ने कहा कि राज्य सरकार प्रकरण की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवायी कराकर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाएगी ।

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उधर, दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने लखीमपुर खीरी में एक दलित लड़की के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस भेजा।

आयोग ने एक बयान में कहा कि जाहिरा तौर पर आपराधिक इरादे वाले लोगों में कानून के प्रति कोई डर और सम्मान नहीं है तथा सीधी-सादी महिलाओं, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों से संबंधित महिलाओं को आसानी से निशाना बनाया जा रहा है।

लखीमपुर खीरी में लड़की का शव उसके गांव के बाहर मिला था। वह मंगलवार को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के वास्ते घर से निकली थी। उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर दी गयी।

बयान में कहा गया है कि आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर इस घटना का संज्ञान लिया है। पीड़ित के घर में इंटरनेट की सुविधा नहीं थी और इसलिए वह बाहर गयी थी।

आयोग ने कहा कि वह अपने परिवार में पढाई करने वाली पहली सदस्य थी और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के लिए सरकारी नौकरी करने की आकांक्षा रखती थी।

आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने रिपोर्ट में वैधानिक राहत की स्थिति और पीड़ित के परिवार को राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गयी अन्य सहायता का उल्लेख करने को भी कहा है।

मानवाधिकार आयोग ने बयान में कहा गया, "यह राज्य का कर्तव्य है कि वह अपने नागरिकों के लिए भयमुक्त माहौल बनाए ताकि लोग सम्मान और गरिमा के साथ जी सकें।"

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