देश की खबरें | छात्र मौत: अदालत ने यादवपुर विवि को नियमों के अनुपालन पर हलफनामा दाखिल करने को कहा

कोलकाता, पांच सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्नातक प्रथम वर्ष के एक छात्र की कथित तौर पर रैगिंग के चलते मौत के मामले में मंगलवार को यादवपुर विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि वह संबंधित नियमों और विनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर हलफनामा दायर करे।

प्रतिष्ठित संस्थान में उचित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के उपायों की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की पीठ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को इसके नियमों के प्रभाव और इनके कार्यान्वयन के संबंध में अदालत की सहायता करने का भी निर्देश दिया।

अदालत ने यादवपुर विश्वविद्यालय को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और कहा कि इसमें रैगिंग रोकने से संबंधित नियमों और विनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए सभी कदमों के बारे में बताया जाए और याचिकाकर्ता द्वारा विश्वविद्यालय के अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया जाए।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने खंडपीठ के समक्ष एक पेपरबुक दायर की जिसमें विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद द्वारा पारित क़ानून और प्रस्ताव शामिल थे।

यूजीसी को यह भी निर्देश दिया गया कि वह विश्वविद्यालय और इससे संबंधित मामलों पर उसके द्वारा बनाए गए दिशानिर्देशों या विनियमों के बाध्यकारी प्रभाव को रिकॉर्ड में रखे।

अदालत ने कहा कि वह सुनवाई की अगली तारीख 26 सितंबर को हलफनामों पर विचार करने के बाद फैसला लेगी।

बंगाली विभाग के 17 वर्षीय एक छात्र की नौ अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर स्थित लड़कों के मुख्य छात्रावास की दूसरी मंजिल की बालकनी से गिरने से मौत हो गई थी। उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि वह रैगिंग का पीड़ित था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)