ताजा खबरें | कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए संतुलित दृष्टिकोण के साथ स्कूल खोलें जाएं : समिति

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक समिति ने एक वर्ष से भी अधिक समय से स्कूलों के बंद होने के कारण छात्रों के स्वास्थ्य खासकर मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए एक सुविचारित, संतुलित एवं तर्कपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए स्कूल खोले जाएं।

नयी दिल्ली, छह अगस्त संसद की एक समिति ने एक वर्ष से भी अधिक समय से स्कूलों के बंद होने के कारण छात्रों के स्वास्थ्य खासकर मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए एक सुविचारित, संतुलित एवं तर्कपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए स्कूल खोले जाएं।

संसदीय समिति ने सभी छात्रों, शिक्षकों, संबद्ध कर्मचारियों के लिये टीका कार्यक्रम में तेजी लाने, दो पालियों में कक्षाएं आयोजित करने, नियमित थर्मल जांच कराने, प्रत्येक स्कूल में प्रशिक्षित कर्मियों सहित दो ऑक्सीजन सांद्रक रखने जैसी व्यवस्था करने की सिफारिश की है ताकि स्कूल जल्द से जल्द सामान्य रूप से काम करना शुरू कर सकें।

‘लॉकडाउन के कारण उत्पन्न अंतराल को पाटने की योजना के साथ-साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण तथा परीक्षाओं की समीक्षा एवं स्कूलों को फिर से खोलने की योजनाएं’ विषय पर शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह रिपोर्ट शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक वर्ष से भी अधिक समय से स्कूलों के बंद रहने के कारण छात्रों के स्वास्थ्य विशेष रूप से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

इसमें कहा गया है, ‘‘ स्कूलों को न खोलने के खतरे इतने गंभीर हैं कि उन्हें नजरंदाज नहीं किया जा सकता। छोटे बच्चों के घर की चाहरदीवारी के अंदर बंद रहने, स्कूल नहीं जा पाने के कारण अभिभावकों और बच्चों के बीच का रिश्ता प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है। ’’

इसमें कहा गया है कि स्कूलों के बंद रहने के कारण परिवार का सामाजिक तानाबाना नकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है जिसके परिणाम स्वरूप बच्चों का कम आयु में विवाह और घर के कामों में बच्चों की हिस्सेदारी बढ़ी है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ वर्तमान स्थिति में महामारी ने पहले से मौजूद संकट को और बढ़ा दिया है और हाशिये पर गए तथा कमजोर बच्चे प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं । इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी है कि स्कूल खोले जाएं। इस मामले की गंभीरता की अनदेखी नहीं की जा सकती है। इसके लिये एक सुविचारित, संतुलित एवं तर्कपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाए।’’

समिति ने इस संबंध में कुछ सिफारिशें भी की हैं। इनमें कहा गया है कि सभी छात्रों, शिक्षकों, संबद्ध कर्मचारियों के लिये टीका कार्यक्रम में तेजी लायी जाए ताकि स्कूल जल्द से जल्द सामान्य रूप से काम करना शुरू कर सकें।

समिति ने अपनी सिफारिशों में कहा कि छात्रों की संख्या कम करने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिये दो पालियों में कक्षाएं आयोजित की जाएं। इसके साथ ही नियमित थर्मल जांच कराने, प्रत्येक स्कूल में प्रशिक्षित कर्मियों सहित दो ऑक्सीजन सांद्रक एवं जरूरी दवाएं रखने की व्यवस्था की जाए।

इसमें कहा गया है कि समाज में आर्थिक रूप से कमजोर और हाशिये पर आने वाले वर्गों के बच्चों के लिये नियमित अंतराल पर हैंड सैनिटाइजर और फेस मास्क की व्यवस्था करनी चाहिए और कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Key Players To Watch Out: आज दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के बीच होगा हाईवोल्टेज मुकाबला, इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें

लाड़की बहन योजना: eKYC पूरा न होने से लाखों महिलाएं सूची से बाहर, क्या सरकार देगी सुधार का एक और मौका?

PBKS vs RCB, IPL 2026 61st Match Scorecard: धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स के सामने रखा 223 रनों का टारगेट, वेंकटेश अय्यर और विराट कोहली ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Winner Prediction: अरुण जेटली स्टेडियम में आज दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी