जरुरी जानकारी | पश्चिम एशिया में तनाव से शेयर बाजार दूसरे दिन गिरा, सेंसेक्स 573 अंक फिसला
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मुंबई, 13 जून कमजोर वैश्विक बाजारों और ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों पर इजराइली हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से शुक्रवार को स्थानीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट पर रहे। सेंसेक्स 573 अंक और निफ्टी 170 अंक टूट गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 573.38 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 81,118.60 अंक पर बंद हुआ। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 1,337.39 अंक तक गिरकर 80,354.59 पर आ गया था लेकिन बाद में एक हद तक संभल गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 169.60 अंक यानी 0.68 प्रतिशत गिरकर 24,718.60 अंक पर बंद हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि इजराइल और ईरान के बीच पूर्ण युद्ध छिड़ने और विदेशी पूंजी के बाहर जाने की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूर रहना बेहतर समझा।
मेहता इक्विटी लिमिटेड में वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, "पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से निवेशकों ने सोने जैसे सुरक्षित निवेश का रुख किया और जोखिम भरे इक्विटी बाजार से दूर रहे। अगले कुछ हफ्तों में अमेरिका की तरफ से एकतरफा शुल्क लगाने की नई चिंताओं ने भी धारणा पर असर डाला।"
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी, भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा और मारुति के शेयरों में बढ़त रही।
मझोली कंपनियों के बीएसई मिडकैप सूचकांक में 0.32 प्रतिशत और छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.30 प्रतिशत की सुस्ती रही।
सबसे ज्यादा 2.06 प्रतिशत की गिरावट सेवा क्षेत्र में देखी गई जबकि बैंक खंड में 1.01 प्रतिशत और एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली इकाइयां) खंड में 0.94 प्रतिशत की गिरावट रही।
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों में से 2,469 गिरावट के साथ बंद हुईं जबकि 1,516 शेयरों में तेजी रही और 137 अन्य परिवर्तित रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट रही। इजराइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले के बाद तनाव बढ़ने से बाजार की धारणा पर खासा असर पड़ा, जिससे निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति काफी बढ़ गई।"
नायर ने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं, जो इस साल का उच्चतम स्तर है, जिससे तनाव जारी रहने पर मुद्रास्फीति की आशंका बढ़ गई है।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 7.44 प्रतिशत उछलकर 74.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स कुल 1,070.39 अंक यानी 1.30 प्रतिशत गिर गया जबकि एनएसई निफ्टी में 284.45 अंक यानी 1.13 प्रतिशत की गिरावट रही।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट पर बंद हुए।
यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,831.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 823.16 अंक गिरकर 81,691.98 अंक और एनएसई निफ्टी 253.20 अंक घटकर 24,888.20 अंक पर बंद हुआ था।
प्रेम
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 13, 2025 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

