एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी रहने से तेल-तिलहनों के दाम में मजबूती

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच शुक्रवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला तेल सहित अधिकांश तेल-तिलहनों कीमतों में मजबूती देखी गई।

जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी रहने से तेल-तिलहनों के दाम में मजबूती

नयी दिल्ली, नौ जून विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख के बीच शुक्रवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला तेल सहित अधिकांश तेल-तिलहनों कीमतों में मजबूती देखी गई।

मलेशिया एक्सचेंज में 3-3.25 प्रतिशत की मजबूती देखी गई जबकि शिकॉगो एक्सचेंज 2.5 प्रतिशत मजबूत है।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि देश में सूरजमुखी तेल की खपत दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में अधिक होती है। लेकिन सबसे सस्ता होने के कारण सूरजमुखी तेल का भारी मात्रा में आयात हुआ है जिसकी वजह से देशी तेल तिलहन बाजार में खप नहीं रहे। तेल मिलें बंद होने लगी हैं। दो साल पहले सरसों का 40-42 लाख टन का स्टॉक बचा रह गया था लेकिन इस बार तो तेल तिलहन न खपने के कारण 78-80 लाख टन का सरसों स्टॉक बच जाने की संभावना है। मार्जिन के अभाव में तेल की खपत नहीं होने से इस महीने सरसों की पेराई में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आई है।

सूत्रों ने कहा कि देश के तेल तिलहन उद्योग की सारी दिक्कत बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दुष्प्रचार और महंगाई का हौवा खड़ा करना तथा वायदा कारोबार रहा है। सूत्रों ने कहा कि हाल के वर्षो में हर वस्तु के दाम बढ़े हैं लेकिन खाद्यतेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ने का हौवा खड़ा किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, तेल तिलहन के दाम में 40-50 रुपये की वृद्धि होती तो घर के बजट पर इतना बोझ महसूस भी नहीं किया जाता क्योंकि इसकी खपत दूध के मुकाबले अमूमन लगभग सात गुना कम होता है। लेकिन तिलहन से मिलने वाले खल के कमी और बाद में इनके महंगा होने से जो दूध के दाम बढ़े हैं, उसके बारे में कोई हो हंगामा नहीं करते। पिछले 25 वर्षो में तेल खल के दाम लगभग 10 गुना बढे हैं और दूध के दाम लगभग दोगुना बढ़े हैं।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 4,745-4,845 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,225-6,285 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,330-2,605 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,575-1,655 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,575-1,685 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,000 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,050 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,350 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,090-5,165 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,865-4,940 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2023 09:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).