जरुरी जानकारी | सीपीओ, पामोलीन तेल तथा सोयाबीन तेल तिलहन कीमतों में मजबूती

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों में सुधार के बीच शुक्रवार को देश के तेल-तिलहन बाजार में कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन तेल तथा सोयाबीन तेल तिलहन के दाम मजबूत बंद हुए जबकि महंगा होने के कारण मंडियों में खपने की बढ़ती चिंताओं के बीच सरसों तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई। ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित होने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।

नयी दिल्ली, नौ फरवरी विदेशों में सुधार के बीच शुक्रवार को देश के तेल-तिलहन बाजार में कच्चा पामतेल (सीपीओ), पामोलीन तेल तथा सोयाबीन तेल तिलहन के दाम मजबूत बंद हुए जबकि महंगा होने के कारण मंडियों में खपने की बढ़ती चिंताओं के बीच सरसों तेल तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट आई। ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित होने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।

मलेशिया एक्सचेंज शाम 3.30 बजे मजबूत बंद हुआ जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में अभी सुधार चल रहा है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सीपीओ का दाम सोयाबीन से अधिक होने के बीच कम आपूर्ति वाले सोयाबीन रिफाइंड तेल की मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। कांडला पोर्ट पर सीपीओ, पामोलीन की भी आपूर्ति कम है। इसके अलावा सोयाबीन तेल की आपूर्ति भी कम है। इस वजह से मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने के बीच सीपीओ, पामोलीन तेल के साथ साथ सोयाबीन तेल तिलहन के दाम में मजबूती रही।

दूसरी ओर सरसों तेल तिलहन तब तक नहीं खपेगा जब तक कि प्रचूरता में उपलब्ध सस्ते आयातित सोयाबीन तेल के दाम से सरसों रिफाइंड का दाम कम नहीं होगा। वर्ष 2022 के अप्रैल के बाद के दौर में पहले सरसों का भारी मात्रा में रिफाइंड बना था और तब यह इसलिए खप पाया था क्योंकि आयातित तेलों के दाम काफी ऊंचे थे।

मौजूदा समय में आयातित तेलों के दाम घटकर लगभग आधे रह गये हैं। दूसरी ओर पुराने एमएसपी के हिसाब से सरसों तेल का दाम 125-130 रुपये तथा एक अप्रैल से लागू होने वाले नये एमएसपी के हिसाब से दाम 135-140 रुपये बैठते हैं। इस भाव पर सरसों तेल तिलहन का खपना तो मुश्किल ही है।

मूंगफली, सरसों, सूरजमुखी, कपास सभी एमएसपी से नीचे बिक रहे हैं। सरकार जब तक देशी तेल तिलहनों का बाजार विकसित नहीं करेगी, तब तक इनके खपने की परेशानी कायम रहेगी और देशी पेराई मिलों पर संकट मंडराता रहेगा क्योंकि मौजूदा सस्ते आयातित तेलों की मौजूदगी में देशी तिलहन पेराई से उन्हें भारी नुकसान है।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,415-5,465 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,150-6,225 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,165-2,440 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,680 -1,780 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,680 -1,785 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,725-4,755 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,535-4,575 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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