जरुरी जानकारी | कोविड संक्रमण के मामलों में उछाल से शेयर बाजार सहमा, सेंसेक्स 870 अंक लुढ़का
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस संक्रमितों की तेजी से बढ़ती संख्या और इससे अर्थव्यवस्था में आते सुधार को लेकर चिंता बढ़ने के बीच शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार गिरावट आ गई। बीएसई सेंसेक्स 871 अंक लुढ़क गया वहीं एनएसई निफ्टी में 229 अंक से अधिक की गिरावट रही।
मुंबई, पांच अप्रैल कोरोना वायरस संक्रमितों की तेजी से बढ़ती संख्या और इससे अर्थव्यवस्था में आते सुधार को लेकर चिंता बढ़ने के बीच शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार गिरावट आ गई। बीएसई सेंसेक्स 871 अंक लुढ़क गया वहीं एनएसई निफ्टी में 229 अंक से अधिक की गिरावट रही।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी गिरावट से भी बाजार धारणा पर असर पड़ा।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स में एक समय 1,400 अंक से अधिक की गिरावट आ गयी थी। पर बाद में इसमें कुछ सुधार आया और अंत में यह 870.51 अंक यानी 1.74 अंक टूटकर 49,159.32 पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, एनएसई का निफ्टी सूचकांक 229.55 अंक यानी 1.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,637.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सर्वाधिक गिरावट बजाज फाइनेंस में रही। इसमें 5.81 प्रतिशत की गिरावट आयी। इसके अलावा इंडसइंड बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो तथा आईसीआईसीआई बैंक में भी गिरावट रही।
गिरावट के बीच आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। एचसीएल टेक में सर्वाधिक 3.08 प्रतिशत की तेजी आयी।
इसके अलावा, टीसीएस, इन्फोसिस, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा में भी 2.32 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 1,03,558 नए मामले सामने आये हैं। एक दिन में सामने आने वाले संक्रमण के मामलों की यह संख्या अब तक सर्वाधिक है। इन्हें मिलाकर कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,25,89,067 हो गई है।
देश में कोविड-19 के प्रसार के बाद से पिछले साल 17 सितम्बर को एक दिन में सर्वाधिक 97,894 नए मामले सामने आए थे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बाजार में सोमवार को जोरदार बिकवाली हुई। इसका कारण देश में कोविड-19 मामलों का अनुमान के मुकाबले तेजी से बढ़ना और इससे आर्थिक पुनरूद्धार की गति प्रभावित होने का अंदेशा है। वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनियों की आय में गिरावट की आशंका के मद्देनजर शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन ने भी चिंता को बढ़ाया है।’’
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का निर्णय और चौथी तिमाही के कंपनियों के परिणाम बाजार की दिशा को तय करेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को शुरू हो गई। एमपीसी नई मौद्रिक नीति की घोषणा सात अप्रैल को करेगी।
वृहत आर्थिक मोर्चे पर देश की विनिर्माण गतिविधियों में वृद्धि की रफ्तार फिर सुस्त पड़ी है और मार्च में यह सात माह के निचले स्तर पर आ गई।
सोमवार को जारी एक मासिक सर्वे में कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ने से देश में विनिर्माण गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
आईएचएस मार्किट इंडिया का विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) मार्च में घटकर सात माह के निचले स्तर 55.4 पर आ गया। फरवरी में यह सूचकांक 57.5 पर था।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए। चीन में शंघाई, हांगकांग और आस्ट्रेलिया के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।
यूरोप के शेयर बाजार भी सोमवार को बंद रहे।
इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
दुनिया के अन्य देशों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने के बीच डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे टूटकर 73.30 पर बंद हुआ।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2021 06:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

