जरुरी जानकारी | ‘ट्रंप शुल्क’ की चिंता में शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स ने लगाया 2,227 अंक का गोता
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के जवाबी शुल्क को लेकर चिंता के बीच सोमवार को भारत समेत दुनिया भर के बाजारों में बड़ी गिरावट आई। स्थानीय शेयर बाजार बीएसई सेंसेक्स 2,226.79 अंक का गोता लगा गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 743 अंक लुढ़क गया। दस माह में यह शेयर बाजार में सबसे बड़ी गिरावट है।
मुंबई, सात अप्रैल अमेरिका के जवाबी शुल्क को लेकर चिंता के बीच सोमवार को भारत समेत दुनिया भर के बाजारों में बड़ी गिरावट आई। स्थानीय शेयर बाजार बीएसई सेंसेक्स 2,226.79 अंक का गोता लगा गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 743 अंक लुढ़क गया। दस माह में यह शेयर बाजार में सबसे बड़ी गिरावट है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुल्क बढ़ाये जाने और चीन के जवाबी कदम से आर्थिक नरमी की आशंका के बीच बाजार में गिरावट आई है।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और यह 2,226.79 अंक यानी 2.95 प्रतिशत के नुकसान के साथ 73,137.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 3,939.68 अंक यानी 5.22 प्रतिशत तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 742.85 अंक यानी 3.24 प्रतिशत टूटकर 22,161.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी 1,160.8 अंक तक लुढ़क गया था।
हिंदुस्तान यूनिलीवर को छोड़कर सेंसेक्स में शामिल सभी शेयर नुकसान में रहे। टाटा स्टील में सबसे ज्यादा 7.33 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि लार्सन एंड टुब्रो 5.78 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
इसके अलावा टाटा मोटर्स, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी नीचे आए।
हिंदुस्तान यूनिलीवर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बाजार में गिरावट आई क्योंकि उच्च अमेरिकी शुल्क और अन्य देशों के जवाबी शुल्क के कारण व्यापार युद्ध शुरू हो सकता है। आईटी और धातु जैसे क्षेत्र नुकसान में रहे। इसका कारण धीमी वृद्धि के साथ उच्च मुद्रास्फीति का जोखिम है, जिससे अमेरिका में नरमी की आशंका है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में, हांगकांग का हैंगसेंग 13 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जापान का निक्की 225 लगभग आठ प्रतिशत टूटा, शंघाई एसएसई कम्पोजिट सात प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत से अधिक नुकसान में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी भारी बिकवाली का दबाव रहा है और दोपहर के कारोबार में इसमें छह प्रतिशत तक की गिरावट रही।
अमेरिकी बाजार में शुक्रवार को तेज गिरावट आई। एस एंड पी 500 5.97 प्रतिशत नीचे आया जबकि नासदैक कम्पोजिट 5.82 प्रतिशत और डाऊ 5.50 प्रतिशत नुकसान में रहे।
इससे पहले, चार जून को सेंसेक्स 4,389.73 अंक यानी 5.74 प्रतिशत का गोता लगाते हुए 72,079.05 अंक पर बंद हुआ था। उस दिन कारोबार के दौरान सेंसेक्स 6,234.35 अंक तक लुढ़क गया था।
वहीं एनएसई निफ्टी चार जून को 1,379.40 अंक यानी 5.93 प्रतिशत टूटकर 21,884.50 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 1,982.45 अंक तक लुढ़क गया था।
इससे पहले, 23 मार्च, 2020 को लॉकडाउन लगाये जाने के दिन सेंसेक्स और निफ्टी 13 प्रतिशत से अधिक टूटे थे।
सोमवार को बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 4.13 प्रतिशत के नुकसान में रहा, जबकि मिडकैप में 3.46 प्रतिशत की गिरावट आई।
नायर ने कहा, ‘‘हालांकि अन्य देशों के मुकाबले भारत पर प्रभाव सीमित होगा, लेकिन निवेशकों को इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।’’
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 3,483.98 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
पिछले सप्ताह, बीएसई सेंसेक्स 2,050.23 अंक यानी 2.64 प्रतिशत नुकसान में रहा था जबकि एनएसई निफ्टी में 614.8 अंक यानी 2.61 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2025 04:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

