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जरुरी जानकारी | व्यापार युद्ध की आशंका से शेयर बाजार सहमा, सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. व्यापार युद्ध गहराने की आशंका हावी होने से वैश्विक बाजारों में आई नरमी के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मानक सूचकांक सेंसेक्स करीब 931 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 346 अंकों की गिरावट आई।

जरुरी जानकारी | व्यापार युद्ध की आशंका से शेयर बाजार सहमा, सेंसेक्स 931 अंक लुढ़का

मुंबई, चार अप्रैल व्यापार युद्ध गहराने की आशंका हावी होने से वैश्विक बाजारों में आई नरमी के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मानक सूचकांक सेंसेक्स करीब 931 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 346 अंकों की गिरावट आई।

विश्लेषकों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और घरेलू दिग्गज कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो और इन्फोसिस में भारी बिकवाली ने भी निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 930.67 अंक यानी 1.22 प्रतिशत गिरकर 76,000 के स्तर से काफी नीचे 75,364.69 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,054.81 अंक गिरकर 75,240.55 तक आ गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 345.65 अंक यानी 1.49 प्रतिशत गिरकर 23,000 के नीचे 22,904.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 382.2 अंक गिरकर 22,867.90 पर आ गया था।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टाटा स्टील के शेयरों में सर्वाधिक 8.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद टाटा मोटर्स, लार्सन एंड टूब्रो, अदाणी पोर्ट्स, इंडसइंड बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और एनटीपीसी में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।

दूसरी तरफ, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी, एशियन पेंट्स और एक्सिस बैंक के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक में 3.08 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप सूचकांक में 3.43 प्रतिशत की गिरावट आई।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, "वैश्विक बाजारों में गिरावट के साथ ही घरेलू बाजारों में भी गिरावट हावी रही। व्यापक बिकवाली के कारण विभिन्न क्षेत्रों में दो-छह प्रतिशत की गिरावट देखी गई।"

तापसे के मुताबिक, निवेशकों को डर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जवाबी शुल्क नीति अमेरिका में मंदी और मुद्रास्फीति को बढ़ावा देगी जो आगे चलकर अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को भी अपनी चपेट में ले लेगी।

उन्होंने कहा कि धातु और पेट्रोलियम शेयरों में तेज गिरावट यह संकेत दे रही है कि मंदी की आशंकाओं के बीच मांग पर असर पड़ सकता है।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान के निक्की और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई जबकि हांगकांग और शंघाई शेयर बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे।

यूरोप के बाजार मध्य सत्र के सौदों में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को 2020 में कोविड महामारी के बाद की सबसे बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.26 प्रतिशत गिरकर 67.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 2,806 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने शुद्ध आधार पर 221.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 322.08 अंकों की गिरावट के साथ 76,295.36 और निफ्टी 82.25 अंकों की गिरावट के साथ 23,250.10 पर बंद हुआ था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2025 04:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).