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जरुरी जानकारी | भारी बिकवाली से शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गिरावट, सेंसेक्स 638 अंक और लुढ़का

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 638 अंक और लुढ़क गया। वहीं एनएसई निफ्टी 219 अंक के नुकसान में रहा।

जरुरी जानकारी | भारी बिकवाली से शेयर बाजार में लगातार छठे दिन गिरावट, सेंसेक्स 638 अंक और लुढ़का

मुंबई, सात अक्टूबर स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 638 अंक और लुढ़क गया। वहीं एनएसई निफ्टी 219 अंक के नुकसान में रहा।

वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी के बीच एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 638.45 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,050 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 962.39 अंक तक लुढ़क गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 218.85 अंक यानी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,795.75 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक, पावरग्रिड, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाइटन और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख रूप रूप से नुकसान में रहीं।

दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईटीसी, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टेक महिंद्रा शामिल हैं।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार में गिरावट का दौर जारी है...अधिक मूल्यांकन के कारण बाजार में व्यापक आधार पर गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशक चीन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसका कारण आकर्षक मूल्यांकन और प्रोत्साहन उपाय हैं।’’

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के प्रमुख (बुनियादी शोध) नरेंद्र सोलंकी ने कहा, ‘‘निवेशकों की मुनाफावसूली, एफआईआई की बिकवाली और वैश्विक स्तर खासकर पश्चिम एशिया में चुनौतियों से उत्पन्न जोखिम से स्थिति जटिल हुई है। इससे बाजार परिदृश्य प्रभावित हुआ है...।’’

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 8.90 लाख करोड़ रुपये घटकर 4,51,99,444.70 लाख करोड़ रुपये रहा।

मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सूचकांक 1.85 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप सूचकांक 3.27 प्रतिशत टूटा।

इस बीच, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का शेयर आठ प्रतिशत से अधिक लुढ़क कर 90.82 रुपये पर आ गया। कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर में गुणवत्ता मानदंड को लेकर रिपोर्ट और कंपनी के सीईओ की सोशल मीडिया पर कहा-सुनी के बाद उसका शेयर नीचे आया है।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79.68 डॉलर प्रति बैरल रहा।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख रहा। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त में रहे थे।

नायर ने कहा कि निवेशक अपने शेयरों में निवेश का मूल्यांकन कर रहे हैं और विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी बढ़ गयी है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच तेल की बढ़ती कीमत अल्पावधि में घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए एक और चुनौती बन गई है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 9,896.95 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 8,905.08 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की लिवाली की।

रमण अजय

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2024 06:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).