देश की खबरें | पटना के हार्डिंग पार्क में लेडी हार्डिंग की प्रतिमा भी लगनी थी: दुर्लभ पुरालेख से मिली जानकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पटना के प्रसिद्ध हार्डिंग पार्क के निर्माण के लिए आज से एक सौ सात साल पहले गठित की गई स्मारक समिति ने वायसराय और उनकी पत्नी की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया था।
पटना, 28 सितंबर पटना के प्रसिद्ध हार्डिंग पार्क के निर्माण के लिए आज से एक सौ सात साल पहले गठित की गई स्मारक समिति ने वायसराय और उनकी पत्नी की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया था।
दुर्लभ पुरालेख दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आई।
बिहार और (तत्कालीन) उड़ीसा प्रांत के गठन में वायसराय लार्ड हार्डिंग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वायसराय के नाम पर पटना के पहले सार्वजनिक पार्क का नामकरण किया गया था और 31 जनवरी 1916 को प्रांत के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर सर एडवर्ड गेट द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था।
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गेट ने वायसराय की पांच टन वजनी आमदकद प्रतिमा का अनावरण किया था।
हालांकि दुर्लभ पुरालेख दस्तावेजों और पुराने अखबारों के अनुसार बगीचे में लेडी हार्डिंग की प्रतिमा लगाने का भी प्रस्ताव दिया गया था लेकिन केवल वायसराय की प्रतिमा का ही निर्माण किया गया।
वायसराय हार्डिंग, 1912 में अस्तित्व में आए नए प्रांत में पटना उच्च न्यायालय और चैंबर्स परिषद की आधारशिला रखने के लिए दिसंबर 1913 में पटना आए थे।
लेकिन बाँकीपुर सिविल स्टेशन के उनके दौरे से पहले, 28 सितंबर 1913 को एक सार्वजनिक सभा का आयोजन किया गया था और हार्डिंग स्मारक समिति का गठन हुआ था।
पुराने पटना शहर के जालान परिवार के पास मौजूद पुरालेख दस्तावेजों के अनुसार, बैठक पटना कालेज के सभागार में हुई थी और इसका उद्देश्य बिहार और उड़ीसा की नई राजधानी में लार्ड और लेडी हार्डिंग की स्मृति में प्रतिमा स्थापित करना के प्रस्ताव पर काम करना था।
लेडी विनिफ्रेड हार्डिंग को दिल्ली में महिलाओं के लिए प्रथम मेडिकल कालेज स्थापित करने के लिए जाना जाता है और 1914 में जब कालेज का निर्माण हो रहा था तभी उनका निधन हो गया था।
बाद में उनके सम्मान में अस्पताल का नामकरण उनके नाम पर किया गया।
रोचक बात है कि मूल योजना के तहत पार्क में वायसराय और उनकी पत्नी दोनों की प्रतिमाएं लगाई जानी थीं।
किला खानदान के वंशज आदित्य जालान ने कहा कि हो सकता है कि लेडी हार्डिंग की असामयिक मृत्यु के कारण योजना में बदलाव किया गया हो।
उन्होंने कहा, “पार्क के रखरखाव के लिए कोष बनाया गया था। हमारे संकलन में पुरालेख दस्तावेजों के अनुसार उस कोष का एक बड़ा हिस्सा निकाल कर दिल्ली में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए दे दिया गया था।”
दिल्ली में 1916 में लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज और अस्पताल की स्थापना की गई थी और उसी वर्ष पटना में वायसराय के नाम पर धूमधाम से हार्डिंग पार्क का उद्घाटन किया गया था।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के परिसर में लेडी हार्डिंग की भव्य प्रतिमा लगी हुई है जिसमें वह बैठी हुई मुद्रा में हैं।
जालान ने पीटीआई- से कहा, “यह संकलन मेरे परदादा दीवान बहादुर राधाकृष्ण जालान का है और हाल ही में हमें लार्ड हार्डिंग की प्रतिमा का एक चित्र मिला जो पार्क में है। हम यह तो नहीं कह सकते कि चित्र कब का है लेकिन इतना तय है कि यह पार्क के शुरुआती सालों का है।”
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