देश की खबरें | अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को आसान बनाएं राज्य :जितेंद्र सिंह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को राज्यों से अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को आसान बनाने और सहकारी संघवाद की परंपरा का अक्षरश: पालन करने को कहा।
नयी दिल्ली, चार जुलाई केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को राज्यों से अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को आसान बनाने और सहकारी संघवाद की परंपरा का अक्षरश: पालन करने को कहा।
उन्होंने यहां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह केंद्र और राज्य, दोनों सरकारों की जिम्मेदारी है कि अखिल भारतीय सेवा के चरित्र को बरकरार रखा जाए।
कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘यह अधिकारियों के भी हित में है कि वे केंद्रीय स्तर पर व्यापक अनुभव प्राप्त करें, जो बदले में उनकी भविष्य की नियुक्तियों में और कॅरियर में पदोन्नति दिलाने में मददगार होगा।’’
यह कदम इस पृष्ठभूमि में मायने रखता है कि केंद्र ने 2021 में उन सेवा नियमों में बदलावों का प्रस्ताव किया था, जो नौकरशाहों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े विषयों पर राज्यों के फैसले को दरकिनार करने के लिए उसे (केंद्र को) सशक्त करता है। साथ ही, इस पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुझाव भी मांगे गये थे।
पश्चिम बंगाल, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, और राजस्थान ने प्रस्तावित संशोधनों पर ऐतराज जताया है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सिंह ने राज्य सरकारों से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और अन्य सभी अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति सुगम बनाने का आग्रह किया है।
आईएएस, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं।
उन्होंने सहकारी संघवाद की परंपरा का अक्षरश: पालन करने की भी अपील की।
मंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (लबसना), मसूरी, के निदेशक को राज्य एवं केंद्र, दोनों में सेवा देने के लिए युवा अधिकारियों को जागरूक, प्रोत्साहित और उनका मार्गदर्शन करने को भी कहा क्योंकि आईएएस अधिकारी केंद्र और राज्य, दोनों के साझा संसाधन हैं।
सिंह ने कहा कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति देश के संघीय ढांचे का हिस्सा है और राज्य सरकारों को इस सिलसिले में चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्र के साथ सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
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