देश की खबरें | राज्य सरकारों को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें सीबीआई पर भरोसा है या नहीं : जितेंद्र सिंह

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नयी दिल्ली, 12 दिसंबर कार्मिक मामलों के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य सरकारों को स्पष्ट करना चाहिए कि वे सीबीआई पर भरोसा करती हैं या नहीं, क्योंकि वे अपने न्यायाधिकार क्षेत्र में एजेंसी के कार्य करने की सहमति को वापस ले रही हैं लेकिन जन दबाव में चुनिंदा मामलों की जांच सीबीआई को भेज रही हैं।

मंत्री ने इस मौके पर सीबीआई के 47 अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश के चर्चित हाथरस दुष्कर्म और हिमाचल प्रदेश के गुड़िया दुष्कर्म मामले की जांच करने वाली सीबीआई की उपाधीक्षक सीमा पाहुजा को बेहतरीन जांच अधिकारी का स्वर्ण पदक मंत्री ने प्रदान किया।

‘अलंकरण समारोह’ को संबोधित करते हुए कार्मिक, लोकशिकायत और पेंशन मामलों के राज्यमंत्री ने राज्यों द्वारा सीबीआई को मामलों की जांच के लिए दी गई आम सहमति को वापस लेने पर चिंता जताई। साथ ही कहा कि लेकिन उन्हें जहां उपयुक्त लगता है वहां चुनिंदा मामलों की जांच के लिए सहमति देने के विशेषाधिकार पर वे कायम हैं।

सिंह ने राजनीतिक वर्ग, समाज और राष्ट्र के स्तर पर विस्तृत आत्मचिंतन का आह्वान करते हुए सवाल किया कि क्या कि इस तरह का व्यवहार उचित है। उन्होंने कहा कि राज्यों को स्पष्ट करना चाहिए कि वे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) पर भरोसा करती हैं या नहीं, क्या वे चुनिंदा तरीके से एजेंसी भरोसा पर करती हैं और जो उनके अनुरूप मामले होते हैं उनपर चुनिंदा सहमति देना जारी रखे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम जिसके तहत सीबीआई का संचालन होता है, में राज्यों के न्यायाधिकार क्षेत्र में जांच करने के लिए उनकी सहमति लेने का प्रावधान है। हालांकि, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय द्वारा एजेंसी को सौंपे गए मामलों की जांच के लिए इस सहमति की जरूरत नहीं होती।

राज्य सरकारों को आम सहमति वापस लेने के अपने फैसले पर ‘ पुनर्विचार’ करने का आह्वान करते हुए सिंह ने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा जनदबाव में मामलों को सीबीआई जांच की अनुशंसा करना जारी है, जो इंगित करता है कि लोगों का इस एजेंसी में बहुत भरोसा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी प्रकार, कई मौकों पर न्यायपालिका द्वारा भी जटिल और महत्वपूर्ण मामलों की जांच सीबीआई को दी गई है।’’

इस कार्यक्रम में मुख्य सतर्कता आयुक्त सुरेश एन पटेल और सचिव (कार्मिक) प्रदीप कुमार त्रिपाठी भी शामिल हुए।

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