देश की खबरें | विधिक दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करें: उच्च न्यायालय ने आप सरकार से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी सरकार से कहा कि वह वसीयत जैसे कानूनी दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीकरण का काम यथाशीघ्र शुरू करे जिससे आम लोगों की परेशानियां कम होने के साथ ही कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के साथ अधिकारियों का संपर्क कम से कम हो।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी सरकार से कहा कि वह वसीयत जैसे कानूनी दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीकरण का काम यथाशीघ्र शुरू करे जिससे आम लोगों की परेशानियां कम होने के साथ ही कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों के साथ अधिकारियों का संपर्क कम से कम हो।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की एक पीठ ने कहा कि कुछ राज्यों ने दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू भी कर दिया है और यहां तक कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी मामलों की ई-फाइलिंग शुरू कर दी है जहां कोई वादी अपने कार्यालय या घर से ही याचिका दायर कर सकता है और अदालती शुल्क भी जमा करा सकता है।

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पीठ ने कहा, “आप (दिल्ली सरकार) भी ऐसा कर सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि प्रतिवादी 1 (दिल्ली सरकार) के अधिकारी दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करेंगे। हमें नहीं लगता कि यह असंभव है।”

दिल्ली सरकार के वकील ने पीठ को बताया कि ऐसी व्यवस्था पहले से ही मौजूद है।

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वकील ने हालांकि यह निर्देश लेने के लिये अदालत से समय मांगा कि दिल्ली सरकार की प्रणाली में क्या-क्या विशेषताएं हैं।

उच्च न्यायालय ने इसके बाद मामले में सुनवाई की अगली तारीख 23 सितंबर तय की।

उच्च न्यायालय वकील गौरव गंभीर की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रीय राजधानी में उप-रजिस्ट्रार कोविड संक्रमण के जोखिम का हवाला देते हुए वसीयत और वरिष्ठ नागरिकों, बीमारी से जूझ रहे लोगों और गर्भवती महिलाओं के अन्य दस्तावेजों का पंजीकरण करने से इनकार कर रहे हैं।

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