जरुरी जानकारी | भारत समेत अन्य देशों के पर्यटकों को लुभाने की कोशिश कर रहा है श्रीलंका
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका पर्यटकों को लुभाने के लिए अगस्त की शुरुआत में व्यापक अभियान चलाएगा। श्रीलंका के उद्देश्य भारत और अन्य देशों के पर्यटकों को आकर्षित करने का है।
कोलंबो, 19 जुलाई आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका पर्यटकों को लुभाने के लिए अगस्त की शुरुआत में व्यापक अभियान चलाएगा। श्रीलंका के उद्देश्य भारत और अन्य देशों के पर्यटकों को आकर्षित करने का है।
श्रीलंका के पर्यटन एवं भूमि मंत्री हरिन फर्नांडो ने अपने देश को स्थिति के साथ ढलने वाला देश और अवसरों की भूमि बताते हुए अधिक से अधिक भारतीयों से अपने यहां आने का न्योता दिया।
उन्होंने ‘पर्ल ऑफ द इंडियन ओशन’ (श्रीलंका को इस नाम से भी पहचाना जाता है) का लुत्फ उठाने की भी अपील और कहा कि यहां साल के 365 दिन समुद्र तटों का आनंद उठाने, स्कूबा डाइविंग करने से लेकर सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानने के कई विकल्प मौजूद हैं।
श्रीलंका पर्यटन संवर्धन ब्यूरो (एसएलटीपीबी) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश ने इस साल के अंत तक करीब 15.5 लाख विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। उसने 2024 तक यह आंकड़ा 25 लाख तक बढ़ने और 2030 तक 40 लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।
एसएलटीपीबी के चेयरमैन चालका गजबाहु ने कहा कि द्वीपीय राष्ट्र के पर्यटन क्षेत्र को बहाल करने और उसका कायाकल्प करने की तैयारी करने के मद्देनजर ‘‘ भारत हमारा नंबर एक बाजार है और लंबे समय तक बना रहेगा।’’
भारत एक अरब से अधिक लोगों वाला देश है और दुनिया में सबसे मजबूत मध्यम वर्ग वाले देशों में से एक है।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से वह श्रीलंका के प्रमुख बाजारों में से एक है। उसके बाद चीन का नंबर आता है।
गजबाहु ने कहा कि श्रीलंका के पर्यटन को पटरी पर लाने के लिए अगस्त की शुरुआत या जुलाई के अंत में दो महीने का व्यापक अभियान शुरू होगा। यह 360-डिग्री दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह जनसम्पर्क अभियान और सोशल मीडिया के माध्यम से चलाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में यात्रियों को यह बताने की कोशिश की जाएगी कि श्रीलंका सुरक्षित है और आगंतुकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। इसके जरिये ‘‘नकारात्मक प्रचार’’ को खत्म करने की कोशिश की जाएगी। दूसरे चरण में तीन स्तंभों सघनता, विविधता और प्रामाणिकता पर केंद्रित वैश्विक अभियान चलाया जाएगा।
वहीं पर्यटन मंत्री ने कहा कि आखिरी बार पर्यटन के लिहाज से 2018 हमारे लिए बेहतरीन वर्ष रहा था, जब 23 लाख विदेशी सैलानी देश आए थे।
श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण (एसएलटीडीए) के अनुसार, 2022 में 7,19,978 विदेशी पर्यटक और 2021 में 1,94,495 विदेशी पर्यटक देश में आए थे।
ये प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं, जब श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे 20-21 जुलाई को भारत की आधिकारिक यात्रा करेंगे। उनकी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना व मजबूत करना है।
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