देश की खबरें | भारत का ‘प्राथमिकता वाला साझेदार’ है श्रीलंका: रक्षा सचिव अरमाने

नयी दिल्ली, सात जून श्रीलंका को भारत का ‘‘प्राथमिकता वाला साझेदार’’ बताते हुए रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने बुधवार को कहा कि भारत पड़ोसी देश के सशस्त्र बलों के क्षमता निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कोलंबो में भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक सेमिनार को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

रक्षा सचिव ने हिंद महासागर क्षेत्र में आतंकवाद, समुद्री लूटपाट और मादक पदार्थों तथा हथियारों की तस्करी जैसी समान सुरक्षा चुनौतियों को रेखांकित किया तथा उनसे निपटने के लिए साझेदारी बढ़ाने की वकालत की।

उनकी टिप्पणियां हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच आई हैं।

अरमाने ने कहा कि भारतीय रक्षा क्षेत्र एक बड़ी क्रांति के मुहाने पर खड़ा है और एक मजबूत तथा स्वदेशी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने पर ध्यान है।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन क्षेत्रों में जानकारी साझा करने से दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने में मदद मिलेगी।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और वृद्धि) दृष्टिकोण को भारत की समुद्री नीति की मौलिक थीम करार दिया।

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