देश की खबरें | श्री चित्रा तिरुनाल संस्थान ने वेंटलेटर की किल्लत को दूर करने के लिए ‘ईबास’ उपकरण तैयार किया

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तिरूवनंतपुरम, छह जुलाई श्री चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) ने कोविड-19 संकट के दौरान वेंटिलेटर की किल्लत को दूर करने के लिए इस्तेमाल में आसान एक स्वदेशी ‘इमरजेंसी ब्रीदिंग असिस्ट सिस्टम’(ईबास) विकसित किया है।

राष्ट्रीय महत्व के दर्जा प्राप्त संस्थान ने एक विज्ञप्ति में कहा ‘‘यह उपकरण यांत्रिक वेंटिलेटर का स्थान तो नहीं लेगा लेकिन पारंपरिक यांत्रिक वेंटिलेटर की व्यवस्था होने तक कुछ घंटे से लेकर कुछ दिन तक इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।’’

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‘एयर ब्रिज’ ब्रांड के नाम से यह वाणिज्यिक उत्पादन के लिए तैयार है और एससीटीआईएमएसटी के अध्यक्ष डॉ. वी. के. सारस्वत सात जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंस से इसका शुभारंभ करेंगे ।

एससीटीआईएमएसटी की निदेशक डॉ. आशा किशोर के मुताबिक महामारी को देखते हुए स्वदेशी वेंटिलेटर विकसित करने का फैसला किया गया ।

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ऐसी अप्रत्याशित स्थिति में पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर की उपलब्धता नहीं होने के चलते आईसीयू में वेंटिलेटर का इंतजार कर रहे मरीजों के श्ववसन तंत्र को मदद करने के लिए इस विकल्प को आजमाया जा सकेगा ।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे हालात में सांस की सहायता के लिए आसानी से इस्तेमाल होने वाले उपकरण की जरूरत थी।’’

यह उपकरण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा दिशा निर्देशों को पूरा करता है। देश के भीतर ही स्थापित आपूर्ति कड़ी से मंगायी गयी सामग्री का इस्तेमाल कर इस उपकरण को बनाया गया है ।

विज्ञप्ति में कहा गया कि सरत एस नायर, विनोद कुमार वी और नागेश डी एस तथा एससीटीआईएमएसटी के एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर थॉमस कोशे और प्रोफेसर मणिकांतन पर आधारित चिकित्सा उपकरण इंजीनियरिंग विभाग के इंजीनियरों की एक टीम ने इसे विकसित किया है।

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