देश की खबरें | ईसीएलजीएस योजना के तहत स्पाइस जेट गो फर्स्ट ने कर्ज लिया: सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. स्पाइसजेट और गो फर्स्ट एयरलाइंस ने आपात रिण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत क्रमशः 127.51 करोड़ रुपये और 25.65 करोड़ रुपये उधार लिए हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने बुधवार को कहा कि केंद्र कोविड प्रभावित व्यवसायों को सहायता प्रदान करने के लिए इस योजना को शुरु किया है।

नयी दिल्ली, 28 जुलाई स्पाइसजेट और गो फर्स्ट एयरलाइंस ने आपात रिण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत क्रमशः 127.51 करोड़ रुपये और 25.65 करोड़ रुपये उधार लिए हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने बुधवार को कहा कि केंद्र कोविड प्रभावित व्यवसायों को सहायता प्रदान करने के लिए इस योजना को शुरु किया है।

उन्होंने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पहले गो-एयर के नाम से प्रसिद्ध गो फर्स्ट ने आपात रिण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस 2.0) के तहत राशि उधार ली थी तथा स्पाइसजेट ने ईसीएलजीएस 3.0 के तहत पैसा उधार लिया था।

मंत्री ने कहा, "नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई तक, विमानन क्षेत्र से संबंधित उधारकर्ताओं को 349 करोड़ रुपये (ईसीएलजीएस योजना के तहत) की गारंटी सहायता प्रदान की गई है।"

केंद्र ने कोरोनोवायरस महामारी से प्रभावित व्यवसायों को सरकारी गारंटी वाला ऋण प्रदान करने के लिए पिछले वर्ष ईसीएलजीएस योजना को शुरू किया था।

ईसीएलजीएस 2.0 योजना, 50 करोड़ रुपये से 500 करोड़ रुपये के बीच बकाया वाली विमानन कंपनियों को 50 करोड़ रुपये तक उधार लेने की अनुमति देता है।

ईसीएलजीएस 3.0 योजना, विमानन कंपनियों को सभी ऋण देने वाले संस्थानों में अपने कुल बकाया ऋण का 40 प्रतिशत तक ऋण प्राप्त करने की अनुमति देता है। कंपनियों द्वारा उधार ली गई राशि 200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं हो सकती है।

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