जरुरी जानकारी | सट्टेबाज खाद्यतेल उत्पादन की आत्मनिर्भरता की राह में बाधक: तेल विशेषज्ञ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयातित तेलों के मुकाबले काफी सस्ता होने के कारण मांग बढ़ने के साथ किसानों के द्वारा मंडियों में ऊपज कम लाने से घरेलू तेल तिलहन बाजार में सरसों दाना के भाव में 20 रुपये प्रति क्विन्टल का सुधार देखा गया जबकि सोयाबीन तेल रहित खल (डीओसी) की निर्यात के साथ घरेलू मांग बढ़ने से सोयाबीन दाना के भाव में भी सुधार आया। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली, सीपीओं और पामोलीन जैसे बाकी खाद्यतेलों की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।
नयी दिल्ली, नौ अप्रैल आयातित तेलों के मुकाबले काफी सस्ता होने के कारण मांग बढ़ने के साथ किसानों के द्वारा मंडियों में ऊपज कम लाने से घरेलू तेल तिलहन बाजार में सरसों दाना के भाव में 20 रुपये प्रति क्विन्टल का सुधार देखा गया जबकि सोयाबीन तेल रहित खल (डीओसी) की निर्यात के साथ घरेलू मांग बढ़ने से सोयाबीन दाना के भाव में भी सुधार आया। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली, सीपीओं और पामोलीन जैसे बाकी खाद्यतेलों की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।
प्रमुख तेल विशेषज्ञ पवन कुमार गुप्ता के अनुसार कुछ सट्टेबाज और बहुराष्ट्रीय कंपनियां नहीं चाहतीं कि देश खाद्य तेल उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल कर पाये।
उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व बाजार में अफवाहें फैलाते हैं कि आयात शुल्क में कमी किये जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीति पर अफवाह फैला कर वायदा बाजार में रोज हजारों करोड़ रुपये का वारा न्यारा करने वालों और बाजार में अफरा तफरी पैदा करने वालों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिये।
आयातित सोयाबीन डीगम, सीपीओ के मुकाबले सरसों तेल कहीं सस्ता बैठता है। सस्ता होने की वजह से इसमें बाकी तेलों की मिलावट नहीं हो रही है और उपभोक्ताओं को शुद्ध देशीतेल खाने को मिल रहा है जिसकी विशेषकर उत्तर भारत में काफी खपत होती है। ऐसी स्थिति में बढ़ते मांग के बीच किसान मंडियों में रोक रोक कर सरसों ला रहे हैं जो सरसों में सुधार का प्रमुख कारण है।
गुप्ता ने कहा कि अगर किसानों को तेल के अच्छे दाम मिलते हैं या आयात शुल्क के रूप में सरकारों को राजस्व की प्राप्ति होती है तो यह पैसा घूम फिर कर अर्थव्यवस्था में ही लौटेगा और उसको गति देगा।
सामान्य कारोबार के बीच बाकी तेल तिलहनों के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,260 - 6,300 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 6,485 - 6,530 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,900 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,530- 2,590 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,030 -2,110 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,210 - 2,240 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 14,800 - 17,800 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,350 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,150 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,070 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,780 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,500 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,550 रुपये।
पामोलिन कांडला 12,600 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 6,475 - 6,525 रुपये: सोयाबीन लूज 6,375 - 6,475 रुपये
मक्का खल 3,650 रुपये।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2021 05:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

