देश की खबरें | विशेष एनआईए अदालत ने सेवानिवृत्त प्राचार्य की हत्या मामले में दो लोगों को दोषी ठहराया

नयी दिल्ली, चार सितंबर लखनऊ में एक विशेष एनआईए अदालत ने उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) आतंकवादी समूह द्वारा लोगों में भय और आतंक फैलाने की साजिश के तहत लगभग सात साल पहले एक सेवानिवृत्त स्कूल प्राचार्य की हत्या के मामले में दो लोगों को दोषी पाया है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने यहां एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निवासी दोषियों आतिफ मुजफ्फर और मोहम्मद फैसल खान को सजा 11 सितंबर को सुनाई जाएगी।

विशेष एनआईए अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी करार दिया।

कानपुर के स्वामी आत्मप्रकाश ब्रह्मचारी जूनियर हाईस्कूल के सेवानिवृत्त प्राचार्य रामबाबू शुक्ला की 24 अक्टूबर, 2016 को हत्या कर दी गयी थी। वह साइकिल पर घर लौट रहे थे। आरोपियों ने कानपुर के प्योंदी गांव के पास उन पर हमला कर दिया था।

एजेंसी ने कहा कि एनआईए ने विस्तृत जांच के बाद 12 जुलाई, 2018 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

तीसरे आरोपी मोहम्मद सैफुल्ला की 7 मार्च, 2017 की रात को उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते के साथ मुठभेड़ में मौत हो गयी थी।

एनआईए के अनुसार आरोपी प्रतिबंधित वैश्विक आतंकवादी संगठन के प्रभाव में काम कर रहे थे और उन्होंने हिंसक कृत्यों के माध्यम से गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)