स्पेन: अब टीम के कोच की हो सकती है छुट्टी, लगे हैं कई आरोप
स्पेन की फुटबॉल महिला टीम के कोच होरहे बिल्डा की भी पद से छुट्टी हो सकती है.
स्पेन की फुटबॉल महिला टीम के कोच होरहे बिल्डा की भी पद से छुट्टी हो सकती है. कई महिला खिलाड़ियों ने पहले भी बिल्डा के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं.स्पेन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉयल स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन (आरएफईएफ) के क्षेत्रीय अध्यक्ष बिल्डा को निकाले जाने पर सहमत हो चुके हैं. हालांकि बिल्डा चाहते हैं कि मौजूदा पद छोड़ने पर उन्हें फेडरेशन में कोई और भूमिका दी जाए.
बतौर कोच बिल्डा की हालिया भूमिका विवादास्पद रही है. पिछले हफ्ते उन्होंने लुइस रुबिआलेस के उस भाषण की सराहना की थी, जिसमें रुबिआलेस ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए खुद को "फर्जी नारीवाद" का पीड़ित बताया था. बाद में बिल्डा ने रुबिआलेस के बर्ताव को "आपत्तिजनक और अस्वीकार्य" भी कहा.
बिल्डा को निकाले जाने की अटकलों पर फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष पेद्रो रोचा ने कहा, "हम अभी नहीं कह सकते कि उन्हें पद से हटा दिया गया है. हम अभी बिल्डा से नहीं मिले हैं. मुलाकात के बाद हम बताएंगे. पहले हमें सुनना होगा, बात करनी होगी, यह अहम है."
पुरुष टीम के कोच पर क्या कहा?
स्पेन की पुरुषों की फुटबॉल टीम के कोच लुइस फुइंते ने भी रुबिआलेस के भाषण को सराहा था. इस वजह से फुइंते की भी आलोचना हो रही है. मगर पेद्रो रोचा ने स्पष्ट कहा है कि फुइंते कोच बने रहेंगे. रोचा ने कहा, "बेशक वह बने रहेंगे. उन्हें फेडरेशन के सभी सदस्यों का समर्थन हासिल है. वह मेहनती हैं और बहुत शानदार काम कर रहे हैं."
राष्ट्रीय टीम के 80 से ज्यादा खिलाड़ी आरएफईएफ का नेतृत्व बदले जाने की मांग के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं. स्पैनिश फुटबॉल संगठन में लैंगिक भेदभाव से जुड़ा यह स्कैंडल 20 अगस्त को सिडनी में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल मैच से ही चल रहा है.
मैच के बाद आरएफईएफ के अध्यक्ष लुइस रुबिआलेस के महिला खिलाड़ी जेनिफर एरमोसो को जबरन चूमने से शुरू हुई आलोचनाओं ने एक बड़े आंदोलन की शक्ल ले ली है. फुटबॉल प्रबंधन का अंतरराष्ट्रीय संगठन फीफा, रुबिआलेस को 90 दिनों के लिए निलंबित कर चुका है. स्पेन की सरकार भी उनपर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है. साथ ही, आरईएएफ ने भी रुबिआलेस से इस्तीफा देने को कहा है.
बिल्डा पर भी लगे हैं आरोप
एक ओर जहां बड़ी संख्या में स्पेन के कोचिंग स्टाफ ने रुबिआलेस प्रकरण के बाद पद छोड़ने का प्रस्ताव दिया, वहीं बिल्डा ने ऐसा नहीं किया. इससे पहले रुबिआलेस ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि बिल्डा को बतौर कोच नया कॉन्ट्रैक्ट दिया जाएगा और उनके वेतन में भी बड़ा इजाफा होगा.
बिल्डा और रुबिआलेस, सितंबर 2022 से ही करीबी सहयोगी रहे हैं जब स्पेन की राष्ट्रीय टीम की 15 खिलाड़ियों ने हड़ताल की थी. ये खिलाड़ी कोच के तौर-तरीकों का विरोध करने के अलावा खिलाड़ियों के यात्रा करने के इंतजामों को बेहतर करने, सपोर्ट स्टाफ की संख्या बढ़ाने जैसी मांगें भी कर रही थीं. खिलाड़ियों को बिल्डा के ट्रेनिंग देने के तरीके से भी शिकायत थी.
उस समय 15 खिलाड़ियों ने मिलकर फेडरेशन को एक पत्र लिखा था. इसमें कहा गया था कि इन स्थितियों के कारण वो भावनात्मक तौर पर प्रभावित हो रही हैं और उनकी सेहत पर भी असर पड़ रहा है. ऐसे में वो टीम से हट जाएंगी. जेनिफर एरमोसो उस समय चोटिल थीं. इस कारण वो इस विरोध मुहिम का हिस्सा नहीं बनी थीं, लेकिन उन्होंने हड़ताल कर रही खिलाड़ियों के साथ समर्थन जताया था.
स्पेन की टीम जब वर्ल्ड कप में पहुंची और इंग्लैंड को हराया, तब कई फुटबॉल प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर कोच बिल्डा का मजाक उड़ाया था. इसकी वजह यह थी कि महिला खिलाड़ी बिल्डा के साथ कामयाबी का जश्न साझा करने से झिझकती दिख रही थीं.
कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने भी बिल्डा को बहुत ज्यादा "नियंत्रणकारी" बताते हुए उनकी आलोचना की थी. स्पैनिश मीडिया की खबरों के मुताबिक, बिल्डा मांग करते थे कि खिलाड़ी उन्हें शॉपिंग बैग की जांच करवाएं. साथ ही, टीम के प्रशिक्षण शिविरों के दौरान वह खिलाड़ियों को बेडरूम का दरवाजा खुला छोड़ने को कहते थे, ताकि सुनिश्चित कर सकें कि खिलाड़ी शाम को भी अपने कमरे में ही हैं. कई शिकायतों के बावजूद रुबिआलेस और फेडरेशन, बिल्डा के साथ खड़ा रहा.
एसएम/एडी (एएफपी)
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2023 02:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

