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जरुरी जानकारी | कम आपूर्ति के कारण सोयाबीन, सीपीओ, पामोलीन, सूरजमुखी और सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

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जरुरी जानकारी | कम आपूर्ति के कारण सोयाबीन, सीपीओ, पामोलीन, सूरजमुखी और सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर विदेशी बाजारों में तेजी के रुख और डॉलर के मजबूत होने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सूरजमुखी, सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन तेल के साथ-साथ सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया, जबकि सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेलों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा सालाना 20-20 लाख टन के शुल्क-मुक्त आयात की छूट दिए जाने के बाद बाजार में कम आपूर्ति (शॉर्ट सप्लाई) की स्थिति पैदा होने से मंगलवार को सूरजमुखी, सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। इस तेजी का असर बाकी तेल-तिलहन कीमतों पर भी हुआ।

सूत्रों ने कहा कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान जैसी जगहों के आयातक पहले से ही परेशान थे, जिन्हें लगभग 2,150 डॉलर प्रति टन के भाव आयातित तेल को आधे से भी कम दाम में तब बेचना पड़ा जब इसके आयात का भाव लगभग 900 डॉलर प्रति टन रह गया। इसके साथ डॉलर के मजबूत होने के बाद आयातकों को अधिक रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। आयातक इस दोहरी मार से त्रस्त हैं।

सूत्रों ने कहा कि देश के तेल संगठन इस स्थिति के लिए अधिक जिम्मेदार हैं जो समय रहते सरकार को सही परामर्श उपलब्ध नहीं कराते या वस्तुस्थिति की जानकारी नहीं देते हैं।

सूत्रों ने कहा कि सरकार के शुल्कमुक्त खाद्य तेलों के आयात का कोटा निर्धारित करने के फैसले के बाद बाकी आयातकों ने नये सौदे खरीदने से हाथ खींच लिया। निर्धारित कोटा से अलग आयात करने पर इन आयातकों को आयात शुल्क अदा करने के बाद उनका महंगा तेल बाजार में खपना आसान नहीं रह जायेगा क्योंकि बाजार भाव सस्ते आयातित तेलों के हिसाब से तय होने लगेगा। ऐसे में नये सौदे नहीं होने से बाजार में भारी शॉर्ट सप्लाई की स्थिति बन गई है जिससे तेल कीमतों में मजबूती आई है।

सरकार ने सूरजमुखी और सोयाबीन के शुल्क मुक्त आयात का कोटा इस मकसद से तय किया था कि उपभोक्ताओं को ये तेल लगभग 5.50 रुपये लीटर तक सस्ता मिलें पर कोटा निर्धारित करने के बाद बाकी खाद्य तेल आयात लगभग रुक जाने से उपभोक्ताओं को खाद्य तेलों के लिए पहले से कहीं अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। इस कदम से न तो तेल उद्योग, न किसान और न ही उपभोक्ताओं को कोई फायदा है। सरकार को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि विदेशों में सूरजमुखी और सोयाबीन के भाव एक ही हैं पर देश के खुदरा बाजार में सूरजमुखी तेल आयात भाव के मुकाबले 40-50 रुपये लीटर अधिक भाव से और सोयाबीन तेल 15-20 रुपये लीटर अधिक कीमत पर बिक रहा है। सूत्रों ने कहा कि तेल संगठनों को इस बात की भी जानकारी सरकार को देनी चाहिये। तेल संगठनों की खामोशी का फायदा बहुराष्ट्रीय या बड़ी कंपनियों को मिलता है।

सूत्रों ने कहा कि दिवाली के मौके पर गुजरात में सप्ताह भर बाजार के बंद रहने की वजह से लिवाल नदारद हैं जिस कारण मूंगफली तेल-तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं। बाजार बंद होने से बिनौला तेल के भाव भी पूर्वस्तर पर बंद हुए। सुधार के आम रुख के बीच सरसों तेल-तिलहन कीमतों में भी सुधार दर्ज हुआ।

बाजार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि शिकॉगो एक्सचेंज सोमवार की रात लगभग 1.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था और फिलहाल यहां सामान्य कारोबारी रुख है जबकि मलेशिया एक्सचेंज में 0.7 प्रतिशत का सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि ‘शॉर्ट सप्लाई’ की स्थिति के बीच सीपीओ और पामोलीन तेल-तिलहन कीमतों में सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि विदेशों में सोयाबीन तेल खली की निर्यात मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में भी सुधार आया।

मंगलवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,125-7,150 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,870-6,935 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,560-2,820 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,265-2,395 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,335-2,450 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,800-20,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,120 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,820 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,310-5,360 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,110-5,160 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 25, 2022 06:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).