विदेश की खबरें | दक्षिण अफ्रीका के दल ने सीमा पार आतंकवाद पर भारत की कतई न सहन करने की नीति का समर्थन दिया
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प्रिटोरिया, 29 मई दक्षिण अफ्रीका ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के साथ बृहस्पतिवार को एकजुटता व्यक्त की तथा सीमापार आतंकवाद से लड़ने के भारत के संकल्प का समर्थन किया।
सर्वदलीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद से निपटने पर भारत का रुख सामने रखने के लिए 27-29 मई तक दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर है। प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को केपटाउन में दक्षिण अफ्रीकी वार्ताकारों के साथ कई बैठकें कीं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के नेताओं से मुलाकात की और आतंकवाद के प्रति भारत की कतई न सहन करने की नीति तथा वैश्विक खतरे के खिलाफ नए सामान्य दृष्टिकोण को रेखांकित किया था।
बुधवार को प्रतिनिधिमंडल ने डेमोक्रेटिक अलायंस के नेता और दक्षिण अफ्रीका के कृषि मंत्री जॉन स्टीनहुइसन तथा डेमोक्रेटिक अलायंस (डीए) के अन्य सदस्यों के साथ गहन चर्चा की।
भारतीय उच्चायोग ने यहां ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि महासचिव फिकिले मबालुला के नेतृत्व में एएनसी नेताओं ने ‘‘प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उसकी सराहना की तथा भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की तथा सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद की निंदा की।’’
एएनसी के महासचिव मबालुला ने ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक में आतंकवाद का मुकाबला करने और शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने में वैश्विक एकता के महत्व को रेखांकित किया गया।
इसमें कहा गया है, ‘‘एएनसी ने इस कठिन समय में भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की तथा इस बात पर बल दिया कि आतंकवाद की सभी रूपों में निंदा की जानी चाहिए, चाहे वह कहीं भी घटित हो।’’
प्रिटोरिया स्थित भारतीय दूतावास की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा गया, “डीए ने पहलगाम में आतंकवादी हमले के पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त की और सीमा पार आतंकवाद से लड़ने के भारत के संकल्प का समर्थन किया।”
प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण अफ्रीका गणराज्य की प्रेसिडेंसी के उप मंत्री केनेथ मोरोलोंग के साथ भी बातचीत की तथा उन्हें भारत के आतंकवाद-रोधी रुख से अवगत कराया, जो त्वरित और दृढ़ कार्रवाई पर आधारित है तथा जिसके तहत आतंकवादियों और उनके समर्थकों दोनों को समान रूप से जिम्मेदार ठहराया जाता है।
बयान में कहा गया, “उप मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर ध्यान दिया है तथा इसे दक्षिण अफ्रीकी प्रेसीडेंसी के ध्यान में लाया जाएगा।”
इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने केपटाउन में दक्षिण अफ्रीकी वार्ताकारों के साथ कई बार बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण अफ्रीकी सांसदों से भी मुलाकात की और आतंकवाद के प्रति भारत की कतई न सहन करने और वैश्विक खतरे के खिलाफ नए सामान्य दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने छह-सात मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।
भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाइयों का कड़ा जवाब दिया।
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