देश की खबरें | साझा न्यूनतम कार्यक्रम को लेकर सोनिया का ठाकरे को पत्र सिर्फ ‘‘संवाद’’: थोराट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा गया पत्र केवल ‘‘पत्र के रूप में एक संवाद'' है जिसमें दलितों और आदिवासियों के लिए कल्याणकारी उपाय लागू करने की बात कही गई है। इसी के साथ प्रदेश कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि एमवीए सरकार मजबूत है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 21 दिसम्बर महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा गया पत्र केवल ‘‘पत्र के रूप में एक संवाद'' है जिसमें दलितों और आदिवासियों के लिए कल्याणकारी उपाय लागू करने की बात कही गई है। इसी के साथ प्रदेश कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि एमवीए सरकार मजबूत है।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने गांधी द्वारा लिखा पत्र ठाकरे के साथ साझा किया जिसमें उन्होंने तीन-पार्टी वाली एमवीए सरकार के साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) और सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों के कल्याण के लिए उसकी प्रतिबद्धता की याद दिलायी है।

राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट के नेतृत्व में महाराष्ट्र कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को ठाकरे से मुलाकात की। थोराट ने बाद में पत्रकारों से कहा कि पत्र केवल एक संवाद है।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष थोराट ने कहा कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) मजबूत है और साथ मिलकर काम कर रहा है। एमवीए में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस शामिल है।

14 दिसंबर को लिखे पत्र में गांधी ने ठाकरे को शिवसेना-राकांपा एनसीपी-कांग्रेस सरकार के साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) की याद दिलाई और दलितों और आदिवासियों के कल्याण के लिए कुछ उपायों को लागू करने की बात कही है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने ठाकरे से यह भी कहा कि एससी-एसटी समुदायों के लोगों के स्वामित्व वाले उपक्रमों के लिए सरकारी ठेकों और परियोजनाओं में आरक्षण की व्यवस्था की शुरू की जाए, विभिन्न विभागों में इन समुदायों के लिए आरक्षित पदों की रिक्तियों को भरा जाए। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्गों के युवाओं के लिए शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ छात्रवृत्ति योजनाओं एवं छात्रावास सुविधाओं का विस्तार किया जाए।

यह पत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि गांधी ने पिछले साल राकांपा और उनकी पार्टी द्वारा शिवसेना के साथ एक अप्रत्याशित गठबंधन बनाये जाने के बाद पहली बार ठाकरे को अपनी पार्टी के लिए इसे लिखा था।

तीनों दलों ने 2019 विधानसभा चुनाव के बाद गठबंधन बनाने से पहले सीएमपी पर काम किया था।

थोराट ने कहा, ‘‘सोनिया जी हमारा उसी तरह से मार्गदर्शन कर रही हैं जिस तरह से सम्मानीय (राकांपा अध्यक्ष) शरद पवार जी करते हैं। केवल अंतर यह है कि व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने के बजाय (गांधी द्वारा लिखा गया) एक पत्र (मुख्यमंत्री के साथ) साझा किया गया।’’

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सीएमपी को तीन दलों द्वारा मिलकर तैयार किया गया था और इसलिए, सरकार द्वारा जो भी कार्य किए जा रहे हैं, वे तीनों के हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पार्टी इसकी सफलता को साझा करती है, कोई एक पार्टी नहीं क्योंकि कार्यक्रम (सीएमपी) तीनों दलों द्वारा तैयार किया गया था।

थोराट के साथ स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ और मुंबई कांग्रेस के निवनियुक्त प्रमुख अशोक उर्फ ​​भाई जगताप और पार्टी के अन्य नेता भी थे।

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