देश की खबरें | कुछ निजी अस्पताल मरीजों को भर्ती नहीं कर ‘बेड की कालाबाजारी’ कर रहे : केजरीवाल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने से मना करने वाले और ‘‘बेड की कालाबाजारी’’ में लिप्त अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है । उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक आदेश जारी करने वाली है कि अस्पताल ऐसे मरीजों का उपचार करने से इनकार नहीं कर सकते।
नयी दिल्ली, छह जून दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने से मना करने वाले और ‘‘बेड की कालाबाजारी’’ में लिप्त अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है । उन्होंने कहा कि उनकी सरकार एक आदेश जारी करने वाली है कि अस्पताल ऐसे मरीजों का उपचार करने से इनकार नहीं कर सकते।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी अस्पतालों में एक चिकित्सा पेशेवर को तैनात करेगी, जो आधिकारिक ऐप पर कोरोना वायरस मरीजों के लिए उपलब्ध बेड की सूचना देंगे और ऐसे मरीजों की भर्ती सुनिश्चित कराने का काम करेंगे ।
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केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी सरकार एक आदेश जारी करने जा रही है कि कोई भी अस्पताल कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने से इनकार नहीं करेगा और ऐसे मरीजों की जांच करने तथा उपचार करने की भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
मुख्यमंत्री ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि दिल्ली में कोविड-19 की जांच रोकी गयी है। उन्होंने जोर दिया कि देश में सबसे ज्यादा जांच दिल्ली में हो रही है ।
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केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अधिकतर अस्पताल अच्छे हैं लेकिन कुछ बेड उपलब्ध कराने के लिए पैसे की मांग कर रहे हैं। यह और कुछ नहीं बल्कि कालाबाजारी है ।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे और वे मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं कर सकते । इसमें लिप्त माफिया को खत्म करने में कुछ समय लगेगा। ऐसे कुछ अस्पतालों की राजनीतिक पहुंच है लेकिन वे इस भुलावे में नहीं रहें कि उनके राजनीतिक आका उन्हें बचा लेंगे ।’’
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मरीजों के लिए 20 प्रतिशत बेड आरक्षित करने में क्या दिक्कतें आ रही हैं, इसका पता लगाने के लिए वह अस्पतालों के मालिकों से बात कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और दिल्ली सरकार उनकी भूमिका को मानती है ।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ निजी अस्पताल हैं, जो ऐसा कर रहे हैं। पहले वे कहते हैं कि बेड नहीं है और फिर मरीजों को भारी रकम जमा करने को कहते हैं। क्या यह बेड की कालाबाजारी नहीं है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के मरीजों के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर जानकारी मुहैया कराने के लिए मंगलवार को एक ऐप की शुरुआत की।
उन्होंने कहा, ‘‘अधिकतर निजी अस्पताल अच्छे हैं, लेकिन दो-तीन निजी अस्पताल कालाबाजारी कर रहे हैं । हमारा मानना है कि बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता पारदर्शी हो तो लोगों को सब कुछ पता चल जाएगा। ’’
केजरीवाल ने कहा, ‘‘दो-तीन अस्पताल इस गुमान में हैं कि वो अपने राजनीतिक आकाओं के जरिए कुछ करवा लेंगे और कालाबाजारी जारी रखेंगे। तो उनको आज मैं चेतावनी देता हूं कि उनको बख्शा नहीं जाएगा। ’’
उन्होंने कहा कि वर्तमान में 36 सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस के नमूने की जांच की जा रही है और अनियमितता मिलने पर छह प्रयोगशाला के खिलाफ कार्रवाई की गयी है ।
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार के अस्पतालों और कुछ निजी अस्पतालों में बुखार के क्लीनिक हैं, वहां पर कोविड केंद्र है, आप वहां पर जांच के लिए जा सकते हैं। आज ही 5300 जांच हुई।’’
हालांकि, उन्होंने कहा कि जांच की क्षमता सीमित है और अगर हर कोई जांच के लिए जाएगा तो दबाव बढ़ जाएगा। साथ ही कहा कि बिना लक्षण वालों को जांच के लिए नहीं जाना चाहिए ।
केजरीवाल ने कहा कि फिलहाल दिल्ली सरकार की प्राथमिकता जान बचाने की है ।
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