जरुरी जानकारी | आपूर्ति घटने से कुछेक तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयातित तेलों की आपूर्ति कम होने के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया जबकि सोयाबीन तेल-तिलहन तथा कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

नयी दिल्ली, 21 फरवरी आयातित तेलों की आपूर्ति कम होने के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार आया जबकि सोयाबीन तेल-तिलहन तथा कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजार- शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में मामूली गिरावट का रुख था। कल रात सोयाबीन डीगम तेल लगभग तीन प्रतिशत तेज बंद हुआ था।

उन्होंने कहा कि सरसों और मूंगफली तेल-तिलहन में आये सुधार का कारण आयातित तेलों की उपलब्धता कम होना है क्योंकि इनका आयात कम हो रहा है। मंडियों में आज सरसों की आवक छह लाख बोरी के लगभग थी। आयातित तेल के थोक दाम सस्ता होने की वजह से पेराई करने के बाद सरसों तेल लागत से 20 प्रतिशत कम थोक दाम पर और देशी सूरजमुखी तेल लगभग 40 प्रतिशत नीचे थोक दाम पर बिक रहा है। लेकिन उपभोक्ताओं को यह सस्ता नहीं मिल रहा है और यही तेल खुदरा में 10-50 प्रतिशत तक के ऊंचे दाम पर बेचे जा रहे हैं। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। विशेष रूप से सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों और तेल संगठनों को इस पर गौर करना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि सीपीओ और पामोलीन तेल की उपलब्धता कम है। देश में खाद्य तेल जरूरतों की लगभग 65 प्रतिशत आपूर्ति सीपीओ और पामोलीन ही करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि महंगा बैठने के कारण जब इन दो तेलों की आवक कम हो रही है तो खाद्य तेलों की आपूर्ति की स्थिति कहीं प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर सरसों और सूरजमुखी जैसे देशी तेल महंगा बैठते हैं लेकिन इन्हें लागत से कम कीमत पर बेचने की मजबूरी आ रही है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया तो तेल उद्योग का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,275-5325 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,300-6,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,215-2,490 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,680-1,780 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,680 -1,785 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,485 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,650-4,680 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,460-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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