इंफाल, 27 नवंबर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति का समाधान खोजने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट रहना चाहिए।
यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ ‘ताकतें’ राज्य को विघटित करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लोगों को एकजुट रहना चाहिए। सिंह ने कहा, ‘‘राजनीतिक मतभेदों को राजनीतिक ही रहने दें, लेकिन जब मुद्दा राष्ट्रीय या राज्य की एकता का हो तो सभी मतभेदों को खारिज कर दिया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह आपस में झगड़ने का समय नहीं है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी रचनात्मक आलोचनाओं, सलाहों और सुझावों का स्वागत करती है।
सिंह ने कहा कि उनकी सरकार राज्य की एकता पर कोई खतरा या यहां रहने वाले करीब 34 समुदायों के विघटन की इजाजत नहीं दे सकती।
राज्य सरकार और केंद्र पर मई से राज्य को तबाह कर रही जातीय हिंसा से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए मणिपुर के कुकी-जो समूह आदिवासी क्षेत्रों के लिए एक अलग प्रशासन की मांग कर रहे हैं।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में मई में पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद भड़की हिंसा के बाद से 180 से अधिक लोग मारे गए।
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