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देश की खबरें | कश्मीर के पर्यटक स्थल गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर के पर्यटक रिसॉर्ट गुलमर्ग और सोनमर्ग समेत ऊंचाई वाले कुछ अन्य इलाकों में रात के दौरान ताजा बर्फबारी देखने को मिली। हालांकि, पूरी घाटी के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। अधिकारियों ने यहां मंगलवार को यह जानकारी दी।

देश की खबरें | कश्मीर के पर्यटक स्थल गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी

श्रीनगर, 21 जनवरी जम्मू-कश्मीर के पर्यटक रिसॉर्ट गुलमर्ग और सोनमर्ग समेत ऊंचाई वाले कुछ अन्य इलाकों में रात के दौरान ताजा बर्फबारी देखने को मिली। हालांकि, पूरी घाटी के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। अधिकारियों ने यहां मंगलवार को यह जानकारी दी।

श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोजिला में भी बर्फबारी दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई है, जबकि एक दिन बाद छिटपुट स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या हल्की बर्फबारी की संभावना है।

बादल छाए रहने के कारण पूरी घाटी में रात के तापमान में वृद्धि हुई।

मौसम विभाग ने कहा कि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान सोमवार रात को एक डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछली रात शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था।

दक्षिण कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों में से एक पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे से चार डिग्री अधिक है।

स्कीइंग के लिए मशहूर उत्तरी कश्मीर के पर्यटन स्थल गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस नीचे के तापमान से अधिक है।

काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, लेकिन यह पंपोर शहर के कोनिबल में शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे, कुपवाड़ा में 1 डिग्री सेल्सियस और कोकेरनाग में शून्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

कश्मीर इस समय सर्दियों की सबसे कठोर अवधि ‘चिल्ला-ए-कलां’ की चपेट में है। 21 दिसंबर से शुरू 40 दिनों की ‘चिल्ला-ए-कलां’ के दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है और पारा काफी गिर जाता है।

‘चिल्ला-ए-कलां’ की समाप्ति 30 जनवरी को होगी और इसके बाद 20 दिन के ‘चिल्ला-ए-खुर्द’ और फिर 10 दिवसीय ‘चिल्ला-ए-बच्चा’ की शुरुआत होगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 21, 2025 03:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).