बेंगलुरु, 18 अक्टूबर रचिन रविंद्र ने 134 रन की पारी खेलने के साथ टिम साउथी (65) के साथ आठवें विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी कर तीन मैचों की श्रृंखला के शुरुआती टेस्ट के तीसरे दिन शुक्रवार को यहां भारत के खिलाफ पहली पारी में न्यूजीलैंड को 356 रन की बड़ी बढ़त दिलाने में अहम योगदान दिया।
भारत ने अपनी दूसरी पारी में चाय के विश्राम तक बिना किसी नुकसान के 57 रन बना लिये। टीम अब न्यूजीलैंड से 299 रन पीछे है। चाय के विश्राम के समय यशस्वी जायसवाल 29 जबकि कप्तान रोहित शर्मा 27 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
न्यूजीलैंड की पहली पारी 402 रन पर सिमटी। रविंद्र ने 157 गेंद में 13 चौके और चार छक्के लगाये जबकि साउथी ने 73 गेंद की पारी में पांच चौके और चार छक्के लगाये।
दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 180 रन से करते हुए न्यूजीलैंड को रविंद्र जड़ेजा (72 रन पर तीन विकेट) की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने खेल के शुरुआती घंटे में चार झटके दिए जिससे टीम का स्कोर सात विकेट पर 233 रन हो गया।
जसप्रीत बुमराह (41 रन पर एक विकेट) और मोहम्मद सिराज (82 रन पर दो विकेट) ने बेहतर लाइन लेंथ से गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को परेशान किया। दोनों ने इस दौरान सफलता का स्वाद भी चखा। सिराज की गेंद पर डेरिल मिचेल (18) बीते दिन के अपने 14 रन में चार और रन ही जोड़कर जायसवाल को आसान कैच दे बैठे।
बुमराह ने इसके बाद दूसरे स्लिप में खड़े लोकेश राहुल के हाथों टॉम ब्लंडेल (पांच रन) को चलता किया।
दिन की शुरुआत में 11 रन के अंदर दो विकेट गंवाने के बाद न्यूजीलैंड के बल्लेबाज थोड़े दबाव में थे लेकिन क्रीज पर आये ग्लेन फिलिप्स (14) ने कुलदीप यादव (99 रन पर तीन विकेट) के खिलाफ बड़ा छक्का जड़ दिया।
जडेजा ने दोहरी गति वाली पिच पर अपनी अंदर आती गेंदों से ग्लेन फिलिप्स और फिर मैट हेनरी (पांच) को बोल्ड कर मैच में भारत की वापसी करायी।
अब लग रहा था कि भारतीय टीम न्यूजीलैंड के पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्दी चलता कर देगी लेकिन साउथी ने आक्रामक रुख अपनाकर रविंद्र पर से दबाव कम किया और पहले सत्र में तेजी से न्यूजीलैंड की बढ़त को 300 रन के करीब पहुंचा दिया।
रविंद्र का परिवार का बेंगलुरु से पुराना नाता है। उन्होंने शुरुआती घंटे के दौरान बल्लेबाजी के लिए मुश्किल परिस्थितियों में सतर्कता से बल्लेबाजी की और जब पिच से गेंदबाजों के लिए मदद कम हो गयी तब उन्होंने मैदान के चारों ओर सहजता से शॉट खेलते हुए रन बटोरे।
इस खब्बू बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ कदमों का शानदार इस्तेमाल किया। उन्होंने स्वीप शॉट के प्रभावी इस्तेमाल के साथ फ्रंट फुट और क्रीज से आगे निकल कर खेलते हुए रविचंद्रन अश्विन (94 रन पर एक विकेट), जडेजा और कुलदीप यादव जैसे अनुभवी गेंदबाजों की फिरकी को कुंद किया।
वह जडेजा के खिलाफ छक्का लगाकर 94 रन पर पहुंचे और फिर अगली गेंद पर ही चौका जड़ा दिया। उन्होंने इसके बाद अश्विन के खिलाफ आत्मविश्वास से भरे स्वीप शॉट पर रन चुरा कर टेस्ट करियर का अपना दूसरा शतक पूरा किया।
दूसरे छोर से साउथी ने शानदार छक्के जड़कर उनका अच्छे से साथ निभाया। इसे भारतीय गेंदबाज दबाव में आ कर रक्षात्मक गेंदबाजी करने लगे।
उनकी 132 गेंद की आक्रामक साझेदारी को सिराज ने साउथी को आउट कर तोड़ा। कुलदीप ने इसके बाद एजाज पटेल (चार) को पगबाधा किया।
रविंद्र छक्का लगाने की कोशिश में कुलदीप की गेंद को हवा में लहरा बैठे और स्थानापन्न विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने कैच पकड़ने में कोई गलती नहीं की।
मैच में बने रहने के लिए भारत को अच्छी शुरुआत की जरूरत थी । रोहित और जायसवाल की जोड़ी ने ऐसा ही किया।
दोनों ने संभल कर बल्लेबाजी करते हुए टीम को कोई झटका नहीं लगने दिया। रोहित इस दौरान फ्लिक कर शानदार चौके जड़े तो वही जायसवाल ने कवर क्षेत्र में गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।
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