विदेश की खबरें | छह पश्चिमी देशों की रूस से मांग : 15 साल पहले जॉर्जिया से छीने गए दो क्षेत्रों को वापस करें

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, अल्बानिया, जापान और माल्टा ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि 2008 में जॉर्जिया पर रूस का आक्रमण अपने पड़ोसियों के प्रति उसकी नीति में "ज्यादा आक्रामक प्रवृत्ति को दर्शाता है।"

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, अल्बानिया, जापान और माल्टा ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि 2008 में जॉर्जिया पर रूस का आक्रमण अपने पड़ोसियों के प्रति उसकी नीति में "ज्यादा आक्रामक प्रवृत्ति को दर्शाता है।"

संयुक्त बयान में कहा गया कि रूस की उन नीतियों में से कुछ को आज यूक्रेन में भी देखा जा रहा है।

जॉर्जिया पर सुरक्षा परिषद के परामर्श के बाद एक बयान में कहा गया कि छह देश "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर" देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने को लेकर "दृढ़" हैं।

रूस ने अगस्त 2008 में जॉर्जिया के साथ एक संक्षिप्त युद्ध लड़ा था। इस युद्ध में रूस ने अलग हो चुके दक्षिण ओसेशिया प्रांत पर नियंत्रण हासिल करने का असफल प्रयास किया था। मॉस्को ने तब दक्षिण ओसेशिया और एक अन्य अलग हुए जॉर्जियाई प्रांत, अबकाज़िया की स्वतंत्रता को मान्यता दी और वहां सैन्य अड्डे स्थापित किए।

पश्चिमी देशों ने कहा कि रूस-जॉर्जिया संघर्ष को संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए तथा सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता दी जानी चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप राजदूत, दिमित्री पॉलिन्स्की ने एक ट्वीट में छह पश्चिमी देशों के बयान को "पाखंड" बताया और कहा कि जॉर्जिया ने "लापरवाही" के कारण उस क्षेत्र को खो दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\